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हर महीने का दर्द.. अब बीते कल की बात

औषधीय पौधों से घरेलू उपचार में मदद, बढ़ रहा है प्रचलन

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इंदौर। हर महीने का वह वक्त, जब पेट में मरोड़ उठती है, दर्द चरम पर होता है, मूड चिड़चिड़ा हो जाता है और थकान जैसे ज़िंदगी की रफ्तार ही रोक देती है। मासिक धर्म के दिन महिलाओं के लिए किसी जंग से कम नहीं होते। ज्यादातर महिलाएं दर्द से निपटने के लिए पेनकिलर या दूसरी दवाइयां लेती हैं। लेकिन, इस बात से भी किनारा नहीं किया जा सकता है, बार-बार दवाई खाने से पेट, लिवर और हार्मोन पर असर पड़ता है। इसी वजह से अब महिलाएं अब औषधीय पौधों और उनसे बड़ी दवाइयाें का उपयोग कर रही हैं।

यह भी है लाभकारी

एक्सपर्ट इरशाद शेख फाउंडर आरोग्य सीबीडी बताते हैं कि सीबीडी ऑइल यानि कैनाबिडियोल भांग के पौधे से निकला एक प्राकृतिक तत्व है, लेकिन इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें नशा नहीं होता। इसका कारण है कि इसमें नशे वाला तत्व टेट्राहाइड्रोकैनाबिनॉल(टीएचसी) या तो होता ही नहीं या बहुत ही कम मात्रा में होता है। इसे खासतौर पर दर्द, सूजन और तनाव कम करने के लिए जाना जाता है। यह शरीर के एंडोकैनाबिनॉयड सिस्टम के साथ मिलकर काम करता है, जो शरीर के भीतर दर्द, मूड, नींद और सूजन जैसी चीज़ों को संतुलित करता है।

यह भी है कारण

मासिक धर्म के शुरुआती दिन अक्सर सबसे ज्यादा दर्द देते हैं। इसका जिम्मेदार है एक रसायन- प्रोस्टाग्लैंडिन, जो गर्भाशय को सिकोड़ता है और ऐंठन पैदा करता है। यह उसी ऐंठन को कम करने में मदद करते हैं।

मिल रहा है लाभ

महिलाएं पहले हर महीने पेनकिलर्स पर निर्भर थीं, वो अब शरीर की देखभाल एक प्राकृतिक और सुरक्षित तरीके से कर रही हैं।