Saligram-Tulsi Vivah : पाली/सादड़ी। भगवान सालीगराम व तुलसी विवाह महोत्सव तहत गुरुवार को भगवान वाराह अवतार मन्दिर में भगवान सालीगराम एवं नई आबादी स्थित माता महाकालिका मन्दिर में तुलसी के हल्दी (उबटन) लगाने की रस्म अदायगी हुई तो वर-वधू पक्ष से खैरा पल्ला (पड़ला) की रस्म हर्षोल्लास से सम्पन्न हुई। जिसमें बड़ी तादाद में ग्रामीणों ने उत्साह से शिरकत की। महिलाओं ने विवाहोत्सव के मंगल गीतों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नई आबादी महाकालिका मन्दिर विकास समिति, महिला मंडल व 36 कॉम समाज सामूहिक सहयोग से तुलसी-सालीगराम विवाहोत्सव शुक्रवार को सम्पन्न होगा। सनातन धर्म ट्रस्ट मंडल द्वारा वाराह अवतार मन्दिर से भगवान सालीगराम की बारात धूमधाम से निकल नई आबादी महाकालिका मन्दिर पहुचेगी। जहां तुलसी विवाहोत्सव की रस्म अदायगी होगी। हजारों ग्रामीण इस पल के साक्ष्य बनेगे।
वराह अवतार मन्दिर सनातन धर्म महिला मंडल द्वारा गुरुवार दोपहर बाद शुभमुहूर्त में भगवान सालिगराम को उम्दा मंगलगीत व भक्तिरचनाओं के साथ हल्दी उबटन लगाने की रस्म हुई। महिलाओं ने सांझी गीत गाए, वधु पक्ष से तेजराज सुथार, देवीचंद मालवीय, मदनलाल लोहार, पंडित गणपतलाल बिस्सा, यशवंत लुहार, मिस्त्री प्रकाश, रमेश चौहान व वर पक्ष से सनातन धर्म ट्रस्ट अध्यक्ष गोविंदप्रसाद व्यास, उपाध्यक्ष संजय बोहरा, दिनेश त्रिवेदी, कन्हैयालाल सोनी, जोतराज सोनी, नरेश भूराराम, ललीत, समाराम व पुजारी पूरणमल रावल ने एक-दूसरे खैरापल्ला (पड़ला) सौपा। वधू पक्ष द्वारा महाकालिका मन्दिर से वराह अवतार मन्दिर पड़ला लाया। जिसमें ढोल-तासो पर श्रद्धालु झूमकर नाचे। इस दौरान बड़ी तादाद में उत्साह से ग्रामीणों ने भाग लिया। विवाहोत्सव को लेकर महिला मंडल ने सुमधुर भक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को धर्ममय बना दिया। दिनभर विवाहोत्सव विभिन्न रस्म को श्रद्धालुओ की चहलकदमी व धूम मची हुई है।
ज्ञात रहे महाकालिका विकास समिति, महिला मंडल नई आबादी, सनातन धर्म सभी वर्गों के सामूहिक आर्थिक सहयोग से शुक्रवार को भगवान सालीगराम व तुलसी का विवाह होगा। सनातन धर्म ट्रस्ट के अध्यक्ष व्यास व उपाध्यक्ष बोहरा ने बताया कि शुक्रवार सुबह साढ़े 10 बजे सुसज्जित रथ में भगवान सालिगराम की बारात निकलेगी जो नई आबादी अतिप्राचीन माता महाकालिका मन्दिर पहुचेगी। जहां मन्दिर विकास समिति अध्यक्ष सुथार, मदनलाल लोहार, कोषाध्यक्ष मालवीय एवं महिला मंडल द्वारा स्वागत अगवानी मिलनी व तोरण टीकने की रस्म अदायगी के बाद पाणिग्रहण संस्कार होगा। महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। मालवीय ने बताया कि गुरुवार शाम चाक पूजन व सांझी गीत बाद मोबन रोपण रस्म हुई। रात में बन्दोली निकाली जाएगी।