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अब चमकेगा सिद्धनाथ आश्रम, बदलेगी तस्वीर, बढ़ेंगे पर्यटक !
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अब चमकेगा सिद्धनाथ आश्रम, बदलेगी तस्वीर, बढ़ेंगे पर्यटक !

अब चमकेगा सिद्धनाथ आश्रम, बदलेगी तस्वीर, बढ़ेंगे पर्यटक !

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पन्ना/ अगस्त मुनि और भगवान श्रीराम के मिलन स्थल सिद्धनाथ आश्रम से पूर्व में मूर्तियों के चोरी जाने और यहां की बदहाली की खबर पत्रिका में प्रकाशित होने के बाद से पूरा प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले की जांच करने के लिए राजस्व और पुलिस की टीम के जाने के बाद बुधवार को पूरा जिला प्रशासन पगडंडियों के सहारे नंगे पैर नदी को पार करके आश्रम पहुची और यहां की संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा और जिला पंचायत सीईओ बालागुरु के. ने पूरे आश्रम का बारीकी से मुआयना किया। वह स्थल भी देखा जहां से छेनी-हथौड़ों से काटकर मूर्तियों को चोरी की गई है।

ये है मामला
गौरतलब है कि मामले को पत्रिका द्वारा उठाए जाने के बाद मूर्ति चोरों पर एफआइआर दर्ज कराने और संरक्षण को लेकर लेकर कई ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। बुधवार को सलेहा में आयोजित आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिव्या रानी सिंह ने भी सिद्धनाथ आश्रम की बदहाली के संबंध में जिला प्रशासन को अवगत कराया और ऐतिहासिक, पुरातात्विक और धार्मिक महत्व के इस स्थल के संरक्षण की मांग की। गुनौर विधायक ने भी जिलाध्यक्ष की मांग का समर्थन करते हुए आश्रम तक पहुंच मार्ग बनवाने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सामुदायिक भवन बनवान की बात कही।

नदी पार कर पहुंचे आश्रम
कार्यक्रम के समापन के बाद एक बार फिर जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से सिद्धनाथ आश्रम तक चलकर आश्रम के महत्व को समझने और उसकी बदहाली देखने के लिए कहा गया। इस पर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा और जिला पंचायत सीईओ बालागुरु के. अधिनस्त अमले के साथ पगडंडी के सहारे नदी तक पहुंचे। नदी पहुंचने के बाद सभी लोगों ने अपने-अपने जूते-सेंडल उतारे और नदी में घुसकर उसे पार किया। नदी में कुछ स्थानों पर अभी भी घुटनों तक पानी था।

6वीं सदी का मंदिर और श्रीराम की दुर्लभ प्रतिमा
सिद्धनाथ आश्रम में भगवान श्रीराम पत्नी सीता और अनुज लक्ष्मण के साथ आए थे। यहां भगवान ने अगस्त मुनि के दर्शन करने के साथ ही उनका आर्शीवाद प्राप्त कर कईप्रकार के अस्त्र-शस्त्र भी प्राप्त किए थे। दुर्गम व सघन वन क्षेत्र में स्थित इस आश्रम में स्थित ६वीं सदी के मंदिर की दीवारों में चुनी गईं दुर्लभ श्रेणी की प्रतिमाओं को अज्ञात चोरों द्वारा पूर्वके सालों में चुरा लिया गया था। जिसने संबंध में न समुचित जांच हो पाई थी और ना ही चोरी गईमूर्तियों को बरामद किया गया व न ही अज्ञात चारों को पकड़ा जा सका है। पत्रिका ने 21 अक्टूबर के अंक में मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद से ही हड़कंप मचा हुआ है। मामले में अज्ञात चोरों के खिलाफ जांच कराने की मांग को लेकर कांग्रेस की ओर से एसपी को ज्ञापन सौंपा गया। वहीं दूसरी ओर मामले को लेकर पुरातत्व संग्रहालत ग्वालियर के सहायक क्यूरेटर व प्रभारी डॉ. गोविंद बाथम मंगलवार को पन्ना पहुंचे थे। उन्हें भी नगर के समाज सेवियों और कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन सौंपकर संरक्षण की मांग की।