पीलीभीत। प्रशासन के सख़्त रवैये के बाद राजनैतिक माहौल गर्म हो गया। यहॉ की सिटी मजिस्ट्रेट ने आज अपना आपा खो दिया और दलित समाज के लोगों के साथ खुद हाथापाई पर उतर आयी। यहां तक कि उन्होनें एक दलित समाज के वकील का गिरेबान पकडकर उसे पुलिस के हवाले कर कर दिया। जिसके बाद उन्ही के आदेश पर कई अन्य दलितों को भी पुलिस ने पकडकर थाने में बैठा रखा है। इतना सबकुछ बसपा जिलाध्यक्ष के सामने हुआ जब वो लेडी सिंघम से बात कर रहे थे। आपको बता दे कि आज सुबह सिटी मजिस्ट्रेट ने दल बल के साथ समाज कल्याण विभाग का दलित छात्रों के लिये बनाए गए छात्रावास को खाली करवाया था। वहीं सवाल अब यह भी उठता है कि यह दलित छात्र अब कहॉ रहकर पढ़ाई करेगें? देखिये एक्सक्लूसिव वीडियो
सिंघम बनी पीलीभीत की दलित विरोधी सीएम
लेडी सिंघम बनी पीलीभीत की सिटी मजिस्ट्रेट अर्चना द्विवेदी को ज़रा देखि़ये कैसे इन्होनें अपने पद का फायदा दलबल के साथ उठाया। जब उन्होने देखा कि विरोध बढ़ता जा रहा है, यहॉ दलित समाज के लोग और कई बसपा नेता भी आ गये हैं तो जो लोग इन छात्रों की पैरवी कर रहे थे उन्ही के साथ सिटी मजिस्ट्रेट ने अपना आपा खो दिया और एक दलित समाज के वकील के का कालर पकडकर खींच लिया। इसके बाद उन्होने वहॉ मोबाइल से वीडियो बना रहे लोगो के फोन पर हाथ मारकर उन्हे बंद करवाया और धरने पर बैठे लोगो को एक-एक कर पुलिस से बल पूर्वक उठवाकर उन्हे सुनगढ़ी थाना पुलिस के हवाले कर दिया। जो अभी भी पुलिस की गिरफ्त में हैं।