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VIDEO: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब ने संघ के स्वयंसेवकों को बढ़ाया राष्ट्रवाद का पाठ
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VIDEO: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब ने संघ के स्वयंसेवकों को बढ़ाया राष्ट्रवाद का पाठ

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक (आरएसएस) के मुख्यालय में सरल शब्दों में भारत की बहुलतावादी संस्कृति का बखान किया।
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Mohit sharma

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Updated: 8 Jun 2018, 2:33 PM IST

नागपुर। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक (आरएसएस) के मुख्यालय में सरल शब्दों में भारत की बहुलतावादी संस्कृति का बखान किया। इस दौरान उन्होंने आरएसएस काडर को देशभक्ति और राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाया। उन्होंने बताया कि राष्ट्र की आत्मा बहुलवाद और पंथनिरपेक्षवाद में बसती है। पूर्वराष्ट्रपति ने प्रतिस्पर्धी हितों में संतुलन बनाने के लिए बातचीत का मार्ग अपनाने की जरूरत बताई। उन्होंने साफतौर पर कहा कि घृणा से राष्ट्रवाद कमजोर होता है और असहिष्णुता से राष्ट्र की पहचान क्षीण पड़ जाएगी। उन्होंने कहा, “सार्वजनिक संवाद में भिन्न मतों को स्वीकार किया जाना चाहिए।सांसद व प्रशासक के रूप में 50 साल के अपने राजनीतिक जीवन की कुछ सच्चाइयों को साझा करते हुए प्रणब ने कहा, “मैंने महसूस किया है कि भारत बहुलतावाद और सहिष्णुता में बसता है।