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रायगढ़

कोरोना से कम फ्लाईऐश डस्ट से हुआ मास्क लगना ज्यादा जरुरी

जहां तहां फेंके जा रहे फ्लाईऐश को लेकर लोगों में आक्रोशगोठान को लेकर भी हुए नाराज

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रायगढ़. रायगढ़ विधानसभा सीट को लेकर पत्रिका की टीम सुबह करीब ७ बजे कोड़ातराई हवाई पट्टी के आगे पहुंची। यहां कई किसान खेत में काम कर रहे थे। उन कृषकों से विधानसभा में किए गए कार्यों को लेकर चर्चा की गई तो उसमें से सरोज गुप्ता कहना का कहना था कि सबसे ज्यादा फ्लाईऐश की समस्या बनी हुई है। हालात यह हो गए है कि रायगढ़ विधानसभा सभा में संचालित उद्योग के अलावा जिले के अन्य विधानसभा में संचालित उद्योगों से निकलने वाला फ्लाईऐश डस्ट पाटने का सुरक्षित अड्डा रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र हो गया है, जहां तहां फ्लाईऐस डाला जा रहा है। इससे स्थिति यह हो गई कि दो साल पहले जब कोरोना आया था तो मास्क लगाना प्रशासन ने अनिवार्य किया था। मास्क नहीं लगाने वाले पर कार्रवाई की जा रही थी। इसके बाद भी लोग मास्क नहीं लगाते थे, लेकिन अब फ्लाईऐश डस्ट की वजह से लोगों की मजबूरी बन गई है कि वे मास्क लगाए। खास बात यह है कि फ्लाईऐश व प्रदूषण को लेकर सवाल तो खड़े किए जाते हैं, लेकिन यह सवाल बाद में दब जाता है।
गोठान से अच्छी खाद तो कम बनाएं
एक किसान सेत कुमार का कहना था कि पंचायतों में राज्य सरकार के द्वारा गोठान बनाया गया है, लेकिन कि दशा काफी खराब है। अधिकांश गोठान सूखे हैं तो कई गोठानों में गाय ही नहीं है। इन गोठानों से किसानों को जैविक खाद खरीदना अनिवार्य है। गोठान में जो खाद मिलता है उससे अच्छा खाद तो वे स्वयं तैयार कर लेते हैं। ऐसे में गोठान से खाद खरीदने का औचित्य ही नहीं है।
नल जल योजना
गांव में नल जल योजना को लेकर लालू महंत का कहना था नल जल योजना का काम भी कई क्षेत्रों में आधा-अधूरा हुआ है। यह सिर्फ कोड़ातराई की बात नहीं अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की स्थिति है। इससे इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। नहीं मिल पा रहा है।
रिंगरोड को बनाने की मांग
रायगढ़ निवासी अर्जुन साव का कहना है कि रायगढ़ जिला मुख्यालय में लगातार यातायात का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में यहां लंबे समय यहां रिंग रोड की मांग की जा रही, ताकि यातायात दबाव कम होने के साथ हादसों को भी कम किया जा सके, लेकिन यह प्रस्ताव आगे ही नहीं बढ़ रहा।
औद्योगिक जिले में तकनीकी शिक्षा की कमी
रायगढ़ निवासी का कहना है कि रायगढ़ जिला औद्योगिक क्षेत्र है। इसके बाद भी यहां तकनीकी शिक्षा व्यवस्था बदहाली के दौर से गुजर रही है। केआईटी बंद हो चुका है। वहीं पॉलिटेक्निक में छात्रों की संख्या घटती जा रही है। इसी तरह की स्थिति आईटीआई में भी देखने को मिल रही है। इससे बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही है।
आत्मांनद स्कूल की बढ़ाए संख्या
रायगढ़ निवासी सुरेश का कहना है कि आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना शासन की अच्छी है, लेकिन इसका लाभ पूरी तरह से नहीं मिल रहा है। इसकी संख्या बढ़ाया जाना चाहिए। इसी सत्र में आत्मानंद में २३ सौ के करीब आवेदन जमा हुए, लेकिन एडमिशन सभी को नहीं मिल सका। यहां हालात यह है कि एडमिशन लाटरी पद्धति से दिया जाता है।