महार्षि सुश्रुत- ये शल्य चिकित्सा का अाविष्कारक माना जाते हैं। इन्होंने ही 2600 हजार पहले ही मोतिया बिंद, सर्जरी, प्रस्व, पथरी आदि के जनक माने जाते हैं। वहीं दूसरे वैज्ञानिक भास्कराचार्य हैं। यह गणितज्ञ के प्रसिद्ध ज्योतिशी माने जाते हैं। इन्होंने सिद्धांत शीरोमणी ग्रंथ की रचना की थी। जिसने गुरुत्वाकर्षण के रहस्य को पहले ही सुलझा लिया था।तीसरे महार्षि कणाद- भारतीय शास्त्रों के इतिहास में कणाद को परमाणु का जनक कहा जाता है। इन्होंने न्यूटन से पहले ही गति और नियम के बारे में दुनिया को बताया था।