सीधी। नगर पालिका के चार दशक से अधिक पुराने शॉपिंग कांपलेक्स भवन जर्जर स्थिति में पहुंच गए हैं। बारिश का मौसम शुरू होते ही छत के साथ ही दीवारों का प्लास्टर भी उखडक़र गिरने लगा है। हल्की बारिश में ही छतों से पानी टपकता है, जिससे हर वक्त हादसे का खतरा बना हुआ है। इधर नगर पालिका द्वारा जर्जर शॉपिंग कांपलेक्सों की मरम्मत नहीं कराई जा रही है, नपा का ध्यान केवल मासिक किराया वसूली पर है, जबकि शर्तों के अनुसार शॉपिंग कांपलेक्स के मरम्मतीकरण की जिम्मेदारी नगर पालिका की है।
बता दें कि शहर में दो दर्जन से अधिक नगर पालिका के शॉपिंग कांपलेक्स हैं। इनमें से करीब आधा दर्जन शॉपिंग कॉलेक्स चार दशक पुराने हो चुके हैं। कुछ का निर्माण विशेष प्राधिकरण सांडा के तहत कराया गया था, जो बाद में विशेष प्राधिकरण सांडा के निरस्त होने के बाद नगर पालिका के अधीन हो गए थे। शॉपिंग कांपलेक्स में निर्मित दुकानें नीलामी के माध्यम से व्यापारियों को आवंटित कर दी गई है, जिससे मालिकाना हक तो दुकान स्वामियों के पास है, लेकिन नगर पालिका द्वारा दुकान मालिकों से विभिन्न कर वसूले जाते हैं, जिसमें मेंटीनेंस शुल्क भी शामिल है। इस हिसाब से दुकानों के मरम्मतीकरण की जिम्मेदारी भी नगर पालिका की ही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा जर्जर शॉपिंग कांपलेक्सों का मरम्मतीकरण नहीं कराया जा रहा है, ऐसे में हादसों का खतरा बना हुआ है।
दो तीन हजार रुपये वसूला जा रहा किराया-
नगर पालिका द्वारा शॉपिंग कांपलेक्स की दुकानों का दो से तीन हजार रुपये प्रतिमाह के मान से किराया वसूला जा रहा है। प्रति वर्ष दुकान किराया में बृद्धि भी की जा रही है। नगर पालिका अधिनियम के अनुसार किराया का निर्धारण किया गया है। किराया की वसूली में तो नगर पालिका का जोर है, लेकिन मरम्मतीकरण के कार्य को लेकर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे दुकान मालिकों में नाराजगी भी देखी जा रही है।
नियमानुसार नहीं करा सकते कोई कार्य-
नगर पालिका अधिनियम के अनुसार जिन शर्तों के आधार पर नगर पालिका द्वारा व्यापारियों को नीलामी में दुकाने आवंटित की गई हैं, उसके अनुसार दुकान मालिक दुकान में किसी प्रकार का कार्य नहीं करा सकते, न तो उसके स्वरूप में परिवर्तन किया जा सकता है, और न ही किसी प्रकार का तोड़-फोड़ कराकर निर्माण ही किया जा सकता।
केस नंबर-1
छत्रसाल शॉपिंग कांपलेक्स, जोखिम में व्यापारियों की जान-
शहर का छत्रसाल शॉपिंग कांपलेक्स जर्जर स्थिति में है। बरामदे व दुकानों के छत की प्लास्टर अक्सर उखडक़र गिरती रहती है। कई बार तो व्यापारी बाल-बाल बचे हैं। आलम यह है कि प्लास्टर उखडक़र गिरने के बाद कई जगह छत की सरिया लटकने लगी है। छत्रसाल शॉपिंग कांपलेक्स का निर्माण वर्ष 2001 में पूरा हुआ था। तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष नवलदास आहूजा द्वारा इसका उद्घाटन किया गया था। लेकिन 23 वर्ष में इस शॉपिंग कांपलेक्स की हालत जर्जर हो चुकी है।
शॉपिंग कांपलेक्स की हालत काफी जर्जर हो चुकी है। बरामदे के छत का तो अक्सर प्लास्टर गिरता रहता है, दुकानों का भी प्लास्ट गिरने लगा है। बारिश में हर वक्त डर बना रहता है।
सलमान खान, व्यापारी
बाहर से तो यह शॉपिंग कांपलेक्स चकाचक दिखता है, लेकिन अंदर हालत खराब है। छत का प्लास्ट जगह-जगह से उखड़ गया है, सरिया लटकने लगी है। कभी भी हादसा हो सकता है।
रमेश विश्रोई, व्यापारी
केस नंबर-2
रेस्टोरेंट शॉपिंग कांपलेक्स, टूटने लगी है छत की सरिया-
गोल मार्केट के नाम से चर्चित शहर के रेस्टोरेंट शॉपिंग कांपलेक्स की हालत भी काफी जर्जर हो चुकी है। यह शॉपिंग कांपलेक्स चार दशक पुराना है। हल्की बारिश में ही छत से पानी टपकने लगता है। शॉपिंग कांपलेक्स के पोर्च की हालत तो इतनी खराब है कि जगह-जगह प्लास्टर उखडक़र गिर चुका है। छत की सरिया भी जगह-जगह से टूटी हुई है। व्यापारी जान जोखिम में डालकर दुकानों का संचालन कर रहे हैं। बारिश के इस मौसम में हर वक्त हादसे का डर बना हुआ है।
शॉपिंग कांपलेक्स के छत एवं दीवारों की हालत काफी जर्जर है, सीढ़ी बैठ गई है। बारिश में छत से पानी टपकता है, प्लास्टर भी गिरता रहता है। नपा द्वारा मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी हादसा हो सकता है।
व्यंकट सिंह, व्यापारी
छत की अचानक प्लास्टर गिरने से कई बार हम लोग बच चुके हैं। बारिश में दुकानों के साथ ही परिसर भी पानी से लवालब हो जाता है। मरम्मतीकरण को लेकर नगर पालिका द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
राजेंद्र सोंधिया, व्यापारी
निरीक्षण कर इस्टीमेट तैयार करने कहा गया है-
पुराने शॉपिंग कांपलेक्सों का निरीक्षण कर इस्टीमेट तैयार करने उपयंत्री को कहा गया है। परिषद की बैठक में इनके मरम्मतीकरण का प्रस्ताव भी लाया जाएगा। इस माह तक यह कार्रवाई पूर्ण कर ली जाएगी।
मिनी अग्रवाल, सीएमओ नपा सीधी