सिंगरौली. एनटीपीसी विंध्याचल में विद्युत उत्पादन की प्रक्रिया के दौरान होने वाले प्रदूषण से राहत मिलेगी। कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन से कॉर्बन कैप्चर प्लांट तो सल्फर डाइऑक्साइड के उत्सर्जन से एफजीडी राहत दिलाएगी। मंगलवार को परियोजना के कार्यकारी निदेशक ई सत्य फणि कुमार ने ये जानकारी दी।
कार्यकारी निदेशक ने कहा कि प्रदूषण से मुक्ति को लेकर चल रहे सभी कार्य वर्ष 2026 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। वर्ष 2027 तक फ्लाईऐश के शत-प्रतिशत उपयोगिता की येाजना से भी अवगत कराया। उन्होंने
ने परियोजना में बालिका सशक्तिकरण के मद्देनजर शुरू अभियान की जानकारी भी दी। कहा कि ग्रामीण बालिकाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए चलाए जा रहे अभियान में कक्षा पांचवीं उत्तीर्ण 120 बालिकाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। कहा कि ये एनटीपीसी का पायलट प्रोजेक्ट है।
वर्ष 2018 में एनटीपीसी के विंध्याचलएसिंगरौली और रिहंद परियोजनाओं में प्रारंम्भ किया गया है। इस दौरान दौरान मुख्य महाप्रबंधक समीर शर्मा, मुख्य महाप्रबंधक चिकित्सा सेवाएं डॉ. बीसी चतुर्वेदी, महाप्रबंधक हरित रसायन सुजय कर्माकर, महाप्रबंधक आरएलआई त्रिलोक सिंह, महाप्रबंधक प्रचालन पार्था नाग, महाप्रबंधक मेंटीनेंस आशुतोष सत्पथी, महाप्रबंधक परियोजना अतिन कुंडु, महाप्रबंधक संविदा एवं सामग्री डीके अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण ले रहीं बेटियां बोलीं, करेंगे देश सेवा
बालिका सशक्तिकरण अभियान के तहत विंध्याचल परियोजना में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बेटियों ने भी मन की बात साझा की। किसी ने आर्मी में जाकर तो कोई डॉक्टर बनकर देश की सेवा करने की इच्छा जाहिर की। कहा कि वे इस लक्ष्य को लेकर अभी से तैयारी में लगेंगी। एनटीपीसी में प्रशिक्षण के दौरान उन्हें इसके लिए तैयार किया गया है। इस दौरान बच्चियों ने कविता व गीत के जरिए भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।