#Shaheed Major Chahal Chowk श्रीगंगानगर. हनुमानगढ़ रोड पर चहल चौक स्थित शहीद स्मारक अब इलाके में आकर्षण का केन्द्र बनेगा। इसके लिए शहीद मेजर हरबंस सिंह चहल के परिजनों ने सर्वे भी कराया है। हनुमानगढ़ रोड पर सीसी रोड बनने से सड़क मार्ग ऊंचा हो गया है, ऐसे में इस स्मारक को भव्य रूप देने की कवायद शुरू की गई है। हालांकि परिजनों ने जिला प्रशासन के सहयोग से इस भव्य और आकर्षण का केन्द्र बनाने के लिए मांग उठाई। ऐसा नहीं हुआ तो शहीद के शहादत के वाले दिन चौदह दिसम्बर तक इस चौक का जीर्णोंद्धार परिवार के सदस्य खुद खर्चा वहन कर सकेंगे।
कुछ अर्से पहले यूआइटी ने इस चौक की मरम्मत कराई थी, लेकिन अब यह चौक सड़क मार्ग के लेवल तक की स्थिति में आने से परिजनों ने इस चौक की भव्यता बनाने की कवायद शुरू कर दी है। इस संबंध में शहीद के बेटे राजवंत सिंह ने तकनीकी विशेषज्ञों को बुलाकर इसकी साइट लोकेशन भी दिखाई है। इस कार्य में मोहनपुरा गांव के ग्रामीण भी सहयोग करेंगे।
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करीब पांच साल पहले इस चौक पर नगर परिषद प्रशासन ने होर्डिंग्स साइट तक बना दी थी, आए दिन किसी न किसी छुटभैये का होर्डिंग्स और बैनर लगते थे, इस पर शहीद के नाम पर युवाओं के क्लब ने जिला प्रशासन से शिकायत कर आपत्ति भी दर्ज कराई थी कि यह शहीद की शहादत का अपमान है। इस संबंध में जिला प्रशासन के आदेश पर अब वहां होर्डिंग्स लगाने की प्रक्रिया थम गई है। रविवार को इस चहल चौक पर सफाई नहीं होने पर शहीद के परिजनों ने अपनी नाराजगी भी जताई।
शहीद मेजर हरबंससिंह चहल के बेटे अमेरिका निवासी राजवंत सिंह इन दिनों इलाके में आए हुए हैं। इस दौरान पत्रिका से विशेष बातचीत में जानकारी देते हुए बताया कि जब इस चौक को स्थापित किया गया था, तब यह शहर का अंतिम छोर था। अब यह शहर के बीचोंबीच आ चुका है।
हनुमानगढ़ रोड की नई सड़क बनने के बाद लेवल ऊंचा उठाने की जरूरत है। इस चौक को भव्य रूप देने के लिए संकल्प लिया है। जिला प्रशासन के माध्यम से इस चौक का जीर्णोंद्धार कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि बॉर्डर एरिया में युवाओं में सेना भर्ती के लिए मुहिम शुरू की जाएगी। इसके लिए लोगों से संपर्क किया जाएगा।
जिले के गांव मोहनपुरा के सपूत मेजर हरबंस सिंह चहल ने देश की सीमा पर रक्षा करते हुए अपनी शहादत करीब 52 साल पहले दी थी। दुश्मन की सेनाओं को आगे नहीं बढ़ने दिया। मेजर चहल वर्ष 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध में जम्मू कश्मीर के राजौरी सैक्टर के छम्ब जोड़ियां में दुश्मन के हमले का जवाब देते हुए 14 दिसम्बर 1971 को शहीद हो गए थे। उनकी याद में यहां हनुमानगढ़ रोड पर यह चहल चौक बना था। वहीं मोहनपुरा के युवाओं ने इस शहीद से प्रेरित होने पर मेजर हरबंससिंह चहल युवा क्लब गठित की।
इस चौक का निर्माण 35 साल पहले 28 जुलाई 1987 को किया गया था। आदमकद प्रतिमा लगाने के अनावरण कार्यक्रम में तब राज्य मंत्री हीरालाल इंदौरा और तत्कालीन कलक्टर रामलुभाया अतिथि थे। इधर शहीद के गांव मोहनपुरा में कई जागरूक युवाओं ने शहीद हरबंस सिंह चहल युवा क्लब गठित किया। यह क्लब शहीदी दिवस पर गांव में विभिन्न आयोजन करता आया है। वहीं चहल चौक पर भी श्रमदान करता है।
मल्टीपरपज स्कूल के पास रेलवे फाटक अब आरयूबी स्थल पर मेजर के नाम का शिलालेख लगाया था लेकिन कोई उखाड़ ले गया। इस संबंध में करीब पांच साल पहले मेजर चहल की धर्मपत्नी बलजीत कौर ने तत्कालीन जिला कलेक्टर ज्ञानाराम को ज्ञापन भी दिया था।
मल्टीपर्पज स्कूल से तीन पुली की ओर से जाने वाले इस मार्ग का नाम वर्ष 1974 में राज्य सरकार के निर्देश पर स्वर्गीय मेजर हरबंस सिंह चहल मार्ग रखा गया था। इसका एक शिलालेख रेलवे लाइन के पास लगा हुआ था। वर्ष 2013 में अण्डरब्रिज बनाते समय यह शिलालेख हटा दिया गया। अण्डरपास बनने के लंबे अर्से बाद भी उस शिलालेख को वापस नहीं लगाया गया। यहां तक कि अण्डरब्रिज के पास लगे साइन बोर्ड में भी इसका उल्लेख तक नहीं किया गया है।