
सुल्तानपुर. पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर जयसिंहपुर तहसील के डीहडग्गूपुर गांव में मृतक हरिवंश यादव के घर पहुँची समाजवादी पार्टी की जांच टीम ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। पार्टी की तरफ से जांच टीम की अगुवाई कर रहे सपा के शाहगंज जौनपुर जिले के विधायक पूर्व मंत्री शैलेन्द्र यादव उर्फ ललई यादव, पूर्व विधायक अरुण वर्मा, जिला अध्यक्ष रघुबीर यादव, एमएलसी शैलेन्द्र सिंह ने पीड़ित परिवार को पार्टी की तरफ से आर्थिक व कानूनी मदद देने का आश्वासन दिया।
दिन पीड़ित परिवार के घर दबंग आते हैं-
इस दौरान जांच टीम के प्रमुख विधायक ललई यादव ने सरकार पर जम कर निशाना साधा और कहा कि भाजपा के रामराज्य में एक गरीब हरिवश यादव, जो मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता था, उसे बेगारी न करने पर दबंगो द्वारा मार दिया जाता है और जब बेटियां पिता को अस्पताल इलाज के लिये ले जा रही थी तो उनको भी मारा पीटा जाता है। दो दिन बाद मौत हो जाने पर पुलिस उचित कार्यवाही न करते हुये दबंगों को संरक्षण देती रहती है।मौत के दूसरे दिन पीड़ित परिवार के घर दबंग आते हैं, धमकाते हैं, घर में बंधी गाय को भी मार डालते हैं। क्या यही भाजपा के रामराज्य की परिभाषा है?
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पार्टी इस घटना को उठाएगी विधानसभा में-
इस दौरान जांच टीम ने मृतक की बेटियों और पत्नी को एकांत में ले जाकर बात की। पत्रकारों से बात करते हुए ललई यादव ने कहा की पार्टी इस घटना को विधानसभा में उठाएगी। इस घटना को लेकर राज्यपाल और शासन के उच्चधिकारियों से मिलकर बताया जाएगा। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पृथ्वीपाल यादव, जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र वर्मा उर्फ बाजीगर, कमला यादव, कुलदीप यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष राम सहाय यादव, पीड़ित परिवार सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
कैसे हुई थी हरिवंश यादव की हत्या-
16 जनवरी की सुबह गांव के ऋषभ सिंह व बसन्त ने गांव निवासी हरिवंश यादव (70) को मार मार कर मरणासन्न कर दिया था। घायल वृद्ध को परिजन इलाज के लिये लखनऊ ले गए थे, जहाँ अस्पताल में 19 जनवरी को घायल की मौत हो यी थी। हत्याभियुक्तों के प्रति पुलिस की कार्यशैली को नरम देखते हुये मृतक के परिजनों ने 20 जनवरी को डीह डग्गूपुर गांव के पास टाण्डा राष्ट्रीय राजमार्ग पर लाश को रख कर जाम कर दिया था। पुलिस की कार्यवाही के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ था।
बेटी बोली सरकार दे शस्त्र लाइसेंस-
मृतक की बेटी रीता ने पत्रकारों से बात करते हुये कहा कि परिवार की सुरक्षा के लिये हमें शस्त्र लाइसेंस शासन की तरफ से दिया जाना चाहिए। दबंगों की लगातार धमकी आती रहती है। पिता की मृत्यु के दूसरे दिन भी दबंगों ने घर पर धावा बोला था। एक गाय को मार डाला और हमें भी जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों की ऐसी दहशत है कि लोग हमारे यहां आने से डर रहे हैं।
शासन से जांच टीम की प्रमुख मांगे-
1. पीड़ित परिवार को तत्काल पुलिस सुरक्षा व शस्त्र लाइसेंस दिया जाए।
2. परिवार के किसी सदस्य को नौकरी व 20 लाख रुपया मुवावजा दिया जाए।
3. मुकदमा 304 के बजाय 302 में दर्ज किया जाए, आरोपियों के ऊपर NSA की कार्यवाही की जाए।
4. घटना में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।