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सूरत

SURAT VIDEO : पांच सालों से नहीं भर पा रही इन कॉलेजों की सीटें

सूरत. दक्षिण गुजरात में सभी तकनीकी कॉलेजों को मिलाकर कुल 24,270 सीटों के सामने 10,633 सीटों पर ही विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जबकि 13,637 सीटें खाली पड़ी हैं। ज्यादातर तकनीकी कॉलेजों में 50 प्रतिशत सीटें भी नहीं भर पाई। गुजरात के तकनीकी कॉलेजों में प्रवेश देने का जिम्मा एडमिशन कमेटी फॉर प्रोफेशनल कोर्सेस (एसीपीसी) को सौंपा गया है।

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एसीपीसी पिछले तीन माह से सभी तकनीकी कोर्स की ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया कर रही है। डिग्री-डिप्लोमा इंजीनियरिंग, एमबीए, एमसीए, आर्किटेक्चर, फार्मेसी और पैरा-मेडिकल कोर्स में प्रवेश के औसत दो राउंड पूरे हो चुके हैं। दक्षिण गुजरात में 28 डिप्लोमा इंजीनियरिंग कॉलेजों में 11,218 सीटें हैं, जिनमें 5,208 सीटें खाली पड़ी है। 25 डिग्री इंजीनियरिंग में 9,898 सीटों में से 6,220 सीटें रिक्त पड़ी है। आर्किटेक्चर कॉलेज की हालत तो और भी दयनीय नजर आ रही है। दक्षिण गुजरात में 5 आर्किटेक्चर कॉलेजों में 302 सीटें है, जिसमें से 213 सीटें खाली पड़ी है। सूरत के वेसू में स्थित विद्या मंदिर कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर को इस साल विद्यार्थी नहीं मिलने पर बंद कर दिया गया। ऐसा ही हाल अन्य कॉलेज का रहा तो दक्षिण गुजरात में और भी आर्किटेक्चर कॉलेज बंद हो जाएंगे।