टोंक. मन में कुछ अलग हटकर करने का जज्बा और देश की खुशहाली की कामना को लेकर पशु बचाओं, पेड़ लगाओं और पृथ्वी बचाओं (सेव एनिमल, ग्रो ट्री व सेव अर्थ) के लिए जारूकता संदेश को लेकर टोंक के सचिन गुर्जर देश भ्रमण के लिए १३ हजार किलोमीटर की लम्बी पैदल यात्रा पर निकला है। अपनी पैदल यात्रा के दौरान तय किए लक्ष्य के अनुसार सचिन सभी 12 ज्योर्तिलिंग के दर्शन करेगा साथ ही वहां जलाभिषेक करके देश की खुशहाली, उन्नति व वनस्पति की रक्षा की कामना करेगा। सचिन सहित लोगों का मानना है राजस्थान से इस तरह की पैदल यात्रा करने वाला यह पहला मामला है।
पैदल यात्रा की शुरुआत करते हुए सचिन गुर्जर ने बताया कि रोजाना 35 से 40 किलो मीटर तक पैदल चलने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होने बताया कि वो 22 राज्यों के करीब 75 जिलों से सीमा से पैदल यात्रा करते हुए निकलेंगे। सचिन के मुताबिक यात्रा को पूरा करने की समय अवधि लगभग सवा साल यानी 15 महीने होगी।
पैदल यात्रा किए जाने के सम्बंध में सचिन गुर्जर का कहना है कि जल संरक्षण, पर्यावरण समेत कई मुद्दों को लेकर कई लोगों की और से साईकिल यात्रा व मोटर साईकिल यात्रा के जरिए देश भ्रमण करने वालों से उसकों प्रेरणा मिली। इन सब से अलग हटकर करने के लिए सचिन ने अपनी अनूठी यात्रा पैदल ही किए जाने का निर्णय लिया।
सचिन का कहना है कि इस पैदल यात्रा के पीछे उसका सीधा आमजन से जुड़ाव किया जाना है। अपनी पैदल यात्रा के जरिए वह बीच रास्ते में पडऩे वाले गांवों के ग्रामीणों को अपनी पदयात्रा के उद्देश्य पशु, पेड़ , जल, पर्यावरण, वनस्पति व पृथ्वी संरक्षण को अच्छी तरह से समझा पाएगा साथ ही इस अभियान से आमजन को जोड़ा भी जा सकेगा।
सचिन ने कहा कि साईकिल या मोटर साईकिल यात्रा से वह इस अभियान में इतनी जनभागीदारी नही निभा पाता जितनी पैदल यात्रा से निभा पाएगा। इतना ही नही पैदल यात्रा से विभिन्न राज्यों की संस्कृति एवं पर्यवरण, जल व पृथ्वी संरक्षण के लिए वहां किए जा रहे कार्यो की जानकारी भी जनसंवाद से मिल सकेगी।
टोंक निवासी सचिन गुर्जर के पिताजी किशनलाल गुर्जर जलदाय विभाग में मिस्त्री के पद पर कार्यरत है। माता प्रमदेवी साधारण घरेलू महिला है। सचिन का एक छोटा भाई है। पिता किशन लाल ने बताया कि सचिन शुरू से ही गौसेवा व गौरक्ष आदि कार्यो से जुड़ा हुआ है।
वही गौशालाओं से इसका सीधा जुडाव होने के कारण पशु, पेड-पौधे, पृथ्वी संरक्षण के साथ ही गौरक्षा का संदेश भी आमजन तक पहुंचाएगा। सचिन का कहना है कि अपनी करीबन सवा साल की इस अवधि की पैदल यात्रा में वह ग्रामीणों से सीधा जनसंवाद भी करेगा तथा इस अभियान को जनांदोलन बनाने के लिए ग्रामीणों के सुझाव भी लेगा।
सचिन ने अपनी पदयात्रा के सफल आयोजन के लिए महादेववाली स्थित प्राचीन शिव मंदिर में भगवान शंकर का अभिषेक व पूजा-अर्चना के बाद पीठ पर बेग के साथ तिरंगा बांध परिजनों व बुजूर्गो का आर्शिवाद लेकर जुलूस के रूप में रवाना हुआ। इस दौरान सचिन के इस जज्बे को देख शहर में कई जगह पर लोगों व दूकानदारों ने उसका माला पहनाकर उसकी यात्रा के मिल मंगल कामनाएं की।