3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

टोंक

Navratri 2023: माता के जयकारों से गूंजे मंदिर, घटस्थापना के साथ आराधना शुरू

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा नवरात्र बुधवार से शुरू हो गए है। इस मौके पर जिले के छोटे-बड़े मंदिरों में देवी दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे है। नवरात्र का पहला दिन होने के कारण सुबह की आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालु सुबह जल्दी ही तैयार होकर मंदिर पहुंचे।

Google source verification

टोंक. चैत्र शुक्ल प्रतिपदा नवरात्र बुधवार से शुरू हो गए है। इस मौके पर जिले के छोटे-बड़े मंदिरों में देवी दर्शन के लिए श्रद्धालु पूजन सामग्री के साथ मंदिर पहुंचे और मूर्तियों के सामने दीप जलाकार आराधना की। नवरात्र का पहला दिन होने के कारण सुबह की आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालु सुबह जल्दी ही तैयार होकर मंदिर पहुंचे। मंदिरों में मां भगवती के विविध स्वरूपों के भक्तों ने दर्शन किया।

नवरात्र पर कई घरों में नवाह्न्पारायण और रामायण पाठ तो कहीं दुर्गा सप्तशती के पाठ प्रारंभ किए । मंदिरों को रंग-बिरंगी लडयि़ों आदि से सजाया गया था। मंदिरों में माता रानी का फूलों से श्रृगांर किया गया है। नवरात्र के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है। शुभ मुहुर्त में घटस्थापना का दौर चला। नवरात्र को लेकर बाजार में मिट्टी के कलश, बजोरा, कुण्डे, पौशक, चुनरी, माला प्रसाद नारियल आदि की दुकानों पर लोग पूजा आदि की सामग्री लेने आ रहे है।

पण्डित जगदीश नारायण स्मृमि मंच एवं वैदिक शैद्या संस्थान के संयोजक डॉ पवन सागर ने बताया कि घट स्थापना के लिए दो मुहुर्त है। जिसमें सुबह 6.33 से 7.40 तक नवरात्र पर घट स्थापना के लिए शुभ मुर्हुत है। इसके बाद 11.15 से दोपहर 12 बजे मिथुन लग्न में भी घट स्थापना का मुर्हुत रहेगा। उन्होने बताया कि चर लाभ का चौघडिया दोपहर 3.33 से सांय 6.35 तक शुभ है जिसमेेंं द्वि.स्वभाव मिथुन लग्न दिन में 11.12 से 12.10 बजे तक है, नवरात्रा घट स्थापना किया जाना श्रेष्ठ है ।

अष्टमी तिथि 29 मार्च बुधवार को रात्रि 11. 31 बजे तक है, जिसमें दुर्गा अष्टमी पूजन दिन व रात्रि को किया जा सकता हैं एवं 30 मार्च गुरुवार को रामनवमी पुनर्वसु नक्षत्र रात्रि 10. 59 बजे तक उपरांत पुष्य नक्षत्र का संयोग बन रहा है,,जो शुभाशुभ श्रेष्ठ योग है, इस समय किए गए कार्यो का विशेष शुभ फल मिलता है ।

नवरात्रि स्थापना से विजया दशमी तक प्रतिदिन मंदिरों में विभिन्न धातिर्मक आयोजनों की धूम रहेगीं वही माता व बालाजी महाराज की विशेष झांकियां सजेंगी। माता के दरबार में नौ दिन तक शक्ति उपासना के साथ ही विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। मंदिरों में यजमान नित्य पूजा अर्चना व शक्ति उपासना करेंगे। नवरात्र के अवसर पर आरएसी माता मन्दिर, पुलिस लाईन दुर्गा मंदिर , संतोषी माता मन्दिर, वैष्णो देवी माता मन्दिर, संतोषी माता मन्दिर, खोहल्या माता मंदिर, श्री आतरिया बालाजी मंदिर, डिपों के बालाजी, बड़ के बालाजी, नसिया के बाजाली, अरनिया के बालाजी, छान देवत माता आदि मंदिरों में नौ दिन तक भक्ति की बायर बहेगी।