
रिपोर्ट:अमित कुमार
बलिया. समय कितना भी बदल जाये, लेकिन लोगों की सोच नहीं बदल रही है। बेटे की चाहत ने लोगों का इतना अंधा कर दिया है कि सारी मर्यादा को भूल चुके हैं। ऐसे ही एक वाक्या बलिया के सिविल कोर्ट परिसर में देखने को मिला है। कोर्ट परिसर में ही दबंग पति ने पत्नी व उसके परिजनों की पिटाई शुरू कर दी है। मौके पर उपस्थित अधिवक्ताओं ने बीच-बचाव करके महिला को बचाया। पत्नी का सिर्फ इतना ही कसूर था कि उसे तीन बेटी है और पति व ससुराल वालों को बेटे की चाहत थी। इसी बात को लेकर लंबे समय तक पति अपने परिजनों के साथ मिल कर पत्नी की पिटाई करता था। दिनदहाड़े महिला की पिटाई ने कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर ही सवाल खड़े कर दिये हैं।
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पीडि़त महिला सरोज देवी का आरोप है कि कुछ लोग उसके परिवार वाले को धोखे में रख कर उसकी शादी करवा देते हैं। जब वह ससुराल जाती है तो गांव वालों से पता चलता है कि उसके पति के पहले भी शादी हो चुकी थी और पहली पत्नी को जला कर मार दिया गया था। इसके बाद भी हम पिछली बातों को भूल कर अपने पति के साथ रहने लगे। महिला का आरोप है कि जब वह मां बनने वाली थी तो पति दूसरे का बच्चा होने का ताना देता था इसके बाद जब तीन बच्ची हो जाती है तो पति बेटा नहीं होने की बात करते हुए मारपीट करने लगा। महिला ने इसके बाद कोर्ट में दहेज, घरेलू हिंसा आदि को लेकर मुकदमा दर्ज कराया था जिसका साक्ष्य देने के लिए वह कोर्ट पहुंची थी। महिला के अधिवक्ता हेमंत सुमन ने बताया कि आज कोर्ट में साक्ष्य देने के लिए महिला को कोर्ट में आयी थी। महिला ने आकर बताया कि उसके पति ने रास्ते में कुछ लड़कों को पीछे लगा दिया था और जब वह कोर्ट पहुंची है तो पति ने उसे व परिजनों की पिटाई कर दी है।
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