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वाराणसी

अब ग्रामीण दुकानदारों से जिला पंचायत वसूलेगा टैक्स, व्यवसायियों में गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी

जिला पंचायत के टैक्स वसूलने के निर्णय से रोहनिया गांव के व्यापारियों में आक्रोश।

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वाराणसी. जिला पंचायत ने ग्रामीण क्षेत्र के व्यवसायियों से टैक्स वसूलने का फरमान जारी कर दिया है। इसके लिए बाकायदा रेट लिस्ट भी तैयार कर दी गई है। बताया जा रहा है कि जिला पंचायत की बैठक में इस बाबत कोई प्रस्ताव लाए बगैर ही यह कार्रवाई की गई है। इससे ग्रामीण व्यवसायियों में खासी नाराजगी है। उन्होंने चेताया है कि अगर टैक्स वसूली का फरमान वापस नहीं होता तो वे जनांदोलन के लिए बाध्य होंगे।

इस संबंध में व्यापारियों ने जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि नागा यादव को पत्र देकर टैक्स देने का निर्णय वापस लेने की मांग की। इस पर जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि जिला पंचायत का जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लाइसेंस टैक्स वसूलने का निर्णय गलत है। उन्होंने कहा कि इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। कहा कि जीएसटी समेत विभिन्न करों के चलते पहले से ही व्यापार मंदा चल रहा है। घर परिवार चलाना मुश्किल है, ऊपर से अब जिला पंचायत का टैक्स। ये सहन के बाहर है। उन्होंने कहा शीघ्र इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
व्यापारियों का कहना है कि जिला पंचायत जब सफाई और दूसरे विकास कार्यों के लिए कोई मदद नहीं करता है तो फिर टैक्स लेकर व्यापारियों के साथ नाइंसाफी क्यों कर रहा है।

जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि नागा यादव ने कहा कि इस मसले को जिला पंचायत की बैठक में उठाया जाएगा। सदन में इस मुद्दे पर विरोध होगा। अगर हमारी मांगें नहीं मानी जाएगी तो बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

व्यापारी राजकुमार गुप्ता का कहना है कि जिला पंचायत व्यापारियों को कोई सुविधा मुहैया नहीं करता है। ऐसे में लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन फीस में लेना गैर वाजिब है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अपर मुख्य अधिकारी, जिलाधिकारी को राजातालाब बाजार में शौचालय निर्माण, सफाईकर्मी की नियुक्ति, पक्के नाले का निर्माण, कूड़ादान और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था संबंधी कई बार मांग पत्र सौंपा गया है। लेकिन उसकी व्यवस्था आज तक नहीं हो सकी। ऐसे में व्यापारी इस टैक्स को कतई बरदाश्त नहीं करेंगे।

-ये हैं मांगें

-ग्रामीण क्षेत्रों के व्यापारियों से जिला पंचायत लाइसेंस शुल्क समेत सालाना टैक्स के बाहर किया जाए
– ठेला, पटरी, खोमचा, फुटपाथ व्यवसायियों, बेरोजगार युवाओं, दिव्यांगों (विकलांगों), महिलाओं, वंचित समाज एससी एसटी, ओबीसी, गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले सामान्य वर्ग के लोगों से लाइसेंस शुल्क टैक्स न लिया जाए।
– पूर्व लाइसेंस धारकों का बकाया माफ करते हुए अर्थदंड, नवीनीकरण विलंब शुल्क खत्म की जाए।
-जिला पंचायत में रजिस्ट्रेशन शुल्क, टैक्स न लिया जाए
– अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक, मेडिकल स्टोर पैथोलॉजी सेंटर, बीज खाद, कीटनाशक, स्वदेशी, खादी के उत्पादों, विक्रेताओं से रजिस्ट्रेशन शुल्क और टैक्स न लिया जाए
– फल सब्जी, चाय पान, पशु आहार, जैविक खाद कृषि उपकरण दूध पनीर दही लस्सी जलपान आदि विक्रेताओं, उत्पादनकर्ता से टैक्स और पंजीकरण शुल्क न लिया जाए

इस दौरान इंद्रजीत सिंह पटेल, मनोज पटेल, सनोज पटेल, पारसनाथ पटेल, श्याम लाल, अशोक कुमार वर्मा, लालजी पटेल, राजेंद्र प्रसाद, अमरनाथ, अक्षैबर भारती, बाबूलाल उर्फ माइकल सोनकर, बंकी तारा, धर्मेंद्र पटेल, भोला नाथ पटेल आदि उपस्थित रहे।