27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एक साथ फन फैलाए बैठे थे 8 कोबरा सांप, जिसने भी देखा रह गया दंग, देखें वीडियो

-रेस्क्यू किए गए 8 कोबरा सांप को एक साथ जंगल में छोड़ा-एक साथ इतने कोबरा सांप जिसने भी देखे, रह गए दंग-बारिश के दिनों में सिरोंज के घरों से पकड़े गए हैं कोबरा-एक साथ इतने सांपों का वीडियो हो रहा वायरल
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

विदिशा

•

image

Mohammad Faiz Mubarak

•

Updated: 8 Aug 2022, 3:25 PM IST

News

एक साथ फन फैलाए बैठे थे 8 कोबरा सांप, जिसने भी देखा रह गया दंग, देखें वीडियो

विदिशा. मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के अंतर्गत आने वाले सिरोंज में सोमवार को लोग उस समय हैरान रह गए जब उन्होंने शहर के एक इलाके में एक साथ फन फैलाए 8 विशाल कोबरा सांप देखे। दरअसल, एक स्थान पर दिखने वाले ये 8 कोबरा सांपों को शहर के अलग अलग इलाकों के घरों से बारिश के दौरान स्नेक कैचर्स द्वारा रेस्क्यू किया गया था, जिन्हें वन विभाग द्वारा एक साथ जंगल में छोड़ा गया। फन फैलाए 8 इंडियन कोबरा सांप को जिसने भी देखा उसकी रूह कांप गई। वहीं लोगों के मुंह से यही निकला- बाप रे बाप! इतने कोबरा एक साथ।


आपको बता दें कि, भारत में कई प्रकार के सांप पाए जाते हैं। मानसून सीजन में बारिश होने के कारण ये पानी से बचने के लिए सुरक्षित जगह की तलाश में घरों में घुस जाते हैं। इसी के चलते बारिश के दिनों में सांपों के मिलने के मामले और डसने के मामलों में एकाएक बढ़ोतरी हो गई है।

यह भी पढ़ें- अब इस विभाग को फ्री में स्मार्टफोन देगी सरकार, कर्मचारी देंगे ये खास अपडेट


बरसात में सांप डसने के मामले सबसे ज्यादा

सर्पदंश के बाद भारत में ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में घर में होने वाले इलाज की वजह से होने वाले मौतों के मामले के साथ लगभग 70 फीसदी मामले भारत के 8 अत्यधिक बारिश वाले राज्यों में दर्ज होते हैं। 70 साल की उम्र से पहले भारतीयों में सर्पदंश से मरने वालो का आंकड़ा इन इलाकों में 250 में लगभग 1 है, लेकिन कुछ इलाकों में खास तौर से अधिक है। अनुमान के मुताबिक, साल 2015 के बाद से 1.11 से लेकर 1.77 मिलियन सांप के डसने के मामले आ चुके हैं। लगभग 70 फीसदी मामलो में विष के लक्षण दिखाए लेकिन सही और वक्त पर इलाज मिलने से भारत में सर्पदंश मृत्यु दर में काफी कमी दर्ज हुई है।