
विदिशा । Vidisha
लंबे समय से कोरोना की मार झेल रहे शहर के व्यापार में आखिरकार अब कही जाकर लाभ की स्थिति आई है। दरअसल जहां कोरोना के चलते लॉकडाउन आदि ने व्यापारियों की कमर ही तोड़ दी थी, वहीं इस बार की गर्मी इलेक्ट्रानिक्स उपकरणों का व्यवसाय करने वाले व्यापारियों के लिए बेहद खास रही।
इस दौरान उनके द्वारा बेचे गए माल से वे इतने संतुष्ट हैं, कि उनका मानना है कि केवल 3 माह के व्यवसाय ने उनके कोरोना काल का घाटा पूरा कर दिया है। दरअसल इस बार गर्मी के तेवर अब तक तीखे बने हुए है, ऐसे में पिछले तीन माह में लोगों को अपनी सुविधा का ख्याल रखते हुए गर्मी से राहत के लिए 13 करोड़ रुपए खर्च करना पड़े हैं।
जानकारों के अनुसार मार्च 2022 से शुरू हुई गर्मी की तपन अब तक मौसम में बरकरार है, लेकिन पिछले दो वर्ष जहां कोरोना के चलते इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसाय की दृष्टि से अत्यंत ठंडे रहे वहीं इस साल की गर्मी इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसाइयों के लिए राहत देने वाली रही। साल 2022 में मार्च से मई तक यानि तीन माह में ही इलेक्ट्रानिक्स व्यवसाय 13 करोड़ पर जा पहुंचा। वहीं इनमें करीब 7 करोड़ का व्यवसाय तो केवल एसी का ही हुआ है।
इलेक्ट्रानिक्स के व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों की मानें तो इस साल एसी की अच्छी मांग रही है। गर्मी के इन तीन महीनों में करीब 1400 एसी बिके हैं। जो करीब 7 करोड़ तक का व्यापार माना जा सकता है। प्रति एसी की कीमत करीब 32000 से 40 हजार रुपए तक है, जबकि वर्ष 2019 में इन तीन माहों में करीब 400 एसी की ही बिक्री हुई था।
व्यापारियों के मुताबिक दरअसल अब लोग भी पहले की अपेक्षा अपडेट हुए है। इसके चलते लोगों के घरों में पंखों का स्थान कूलर ने और कूलर की जगह एसी ने ले ली है।
इलेक्ट्रानिक्स व्यवसायी विशाल माहेश्वरी के अनुसार कोरोना काल के दो वर्ष छोड़ दें, तो वर्ष 2019 की तुलना में यह व्यवसाय करीब तीन गुना रहा है। गर्मी भी असहनीय रही। शादी विवाह का भी जोर रहा। फसल भी अच्छी रही।
कुल मिलाकर सारी स्थितियां ही हमारे व्यवसाय के अनुकूल रहीं। उनके अनुसार शहर में छोटी बड़ी करीब 100 इलेक्ट्रानिक्स दुकान हैं और तकरीबन सभी दुकानों पर पंखों कूलर व एयर कंडीश्नर का अच्छा व्यवसाय रहा है। इस दौरान करीब 13 करोड़ तक का यह व्यवसाय हुआ है।
पंखे व कूलर का ...
इसी तरह इन गर्मी के माह में करीब 5 हजार कूलर का व्यवसाय शहर में हुआ, जो करीब 4 करोड़ तक का है। वहीं लगभग पंखे भी करीब 15 हजार बिके। गर्मी अधिक होने से जहां सामान्य वर्ग की पहली जरूरत पंखा व कूलर बनी रही, वहीं इनकी खरीदी भी लोगों की क्षमता में रही।
शादी विवाह के कारण भी इनकी अधिक मांग रहने से इनका व्यवसाय भी अच्छा हुआ है। इस तरह पंखों का व्यवसाय करीब 2 करोड़ तक रहा है। इनके अलावा भी गर्मी से बचाव के लिए विभिन्न उपकरणों की डिमांड अभी भी आ रही है।
अभी भी गर्मी दिखा रही है अपने तेवर: बनी हुई है आशा
शहर में जहां पूर्व में जून में गर्मी के तेवर ठंडे पड़ जाते थे, लेकिन इस बार अभी आसार बनते नहीं दिख रहे हैं। और ऐसा माना जा रहा है कि अभी गर्मी अपने और तेवर दिखा सकती है। इसी के चलते सुबह से ही गर्मी के तीखी तपन का अहसास होने लगता है, वहीं दोपहर में अभी लपट का जोर बना हुआ है। व्यवसाइयों के अनुसार ऐसे में अभी इस साल और बिक्री की आशा बनी हुई है।
Published on:
07 Jun 2022 02:35 pm
