
विदिशा। न्यायालय परिसर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन हुआ। सर्वाधिक भीड़ विद्युत प्रकरणों को निपटाने आए लोगों की रही। यहां एक किसान ने बताया कि उसे बिजली चोरी प्रकरण को निपटाने के लिए अपनी जमीन गिरवी रखना पड़ी है, लेकिन प्रकरण हल होने से उसे मानसिक शांति मिली।
ग्राम डफरयाई निवासी अर्जुनसिंह राजपूत का कहना है कि वर्ष 2014 में पंप से बिजली चोरी का प्रकरण बना था। उसकी 3 एचपी की मोटर थी और प्रकरण 5 एचपी मोटर का बना दिया। इस कार्रवाई से संतुष्ट न होने के कारण वह राशि जमा नहीं कर रहा था, लेकिन जब वारंट निकला तो इज्जत की बात आ गई। इसलिए उसके पास कुल तीन बीघा जमीन थी वह गिरवी रख दी। उसका 35 हजार का बिल था जिसका निराकरण 17 हजार 605 रुपए में हो गया।
उसने कहा कि वह शांति महसूस कर रहा है। यह किसान एडवोकेट डीएन हरदेनिया के साथ आया। इसी तरह मोहनसिंह राजपूत का बिजली चोरी का मामला 2014 से चल रहा था। 14 हजार 460 रुपए का यह मामला 11 हजार 460 में निपट गया। इसी तरह बैंक, नगरपालिका के जलकर वसूली आदि प्रकरणों का निराकरण हुआ।
1 करोड़ 69 लाख 74 हजार राशि जमा हुई
इधर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार लोक अदालत में न्यायिक न्यायालयों के 139 व प्रीलिटिगेशन के 257 प्रकरणों का निराकरण हुआ है। कुल 396 प्रकरण निराकृत हुए। इनमें 1 करोड़ 69 लाख 74 हजार 989 समझौता राशि जमा की गई और 674 व्यक्ति लाभान्वित हुए हैं। संपूर्ण जिले में गठित 23 खंडपीठों के समक्ष कुल 16 हजार 872 प्रकरण निराकरण के लिए प्रस्तुत किए गए थे।
विशेष न्यायाधीश ने किया शुभारंभ
जिला न्यायालय परिसर में विशेष न्यायाधीश आरपी गुप्त ने सुबह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया। इस मौके पर अपर सत्र न्यायाधीश अजय श्रीवास्तव, प्रशांत कुमार, महेंद्रसिंह तोमर, मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट प्रहलादसिंह कैमेथिया, न्यायिक मजिस्टे्रट प्रथम श्रेणी दिनेश कुमार प्रजापति, अभिभाषक संघ के अजय कुशवाह, मदनकिशोर शर्मा आदि मौजूद रहे।
Published on:
23 Apr 2018 11:35 am
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