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बर्बाद फसल लेकर किसान पहुंचे जनसुनवाई में

सर्वे कराकर जल्द मुआवजा और बीमा दिलाने की मांग

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Rain damaged crop in jaipur rural

बारिश ने बिगाड़ी किसानों की गणित, गलने की कगार पर फसल

सिरोंज. फसल कटाई और पकने के समय बारिश होने से विकासखंड में उड़द और मूंग की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है। किसानों कि शिकायत के बावजूद अब तक सर्वे कार्य शुरु नहीं होने से नाराज किसान मंगलवार को जनसुनवाई में बर्बाद फसल हाथों में लेकर पहुंचे और जल्द सर्वे कराने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।

मंगलवार को दर्जन भर से अधिक गांव के हिसान बर्बाद फसल हाथों में लेकर कांग्रेस नेता सुरेन्द्र रघुवंशी के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे और जनसुनवाई में गेट के बाहर नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरु किया।

इस दौराान काफी देर तक जब कोई अधिकारी किसानों की सुद लेने नहीं आया तो नाराज किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरु कर दी और प्रशासन तथा बीमा कंपनी के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। तब कहीं जाकर एसडीएम बृज बिहारी श्रीवास्तव इनकी बात सुनने के लिए बाहर आए और उन्हें समझाने का प्रयास किया, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ। किसानों ने उन्हें बताया कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा बर्बाद फसलों के सर्वे का कार्य ठीक से नहीं कराया जा रहा है। वहीं इस संबंध में अब तक पटवारियों को भी निर्देशित नहीं किया गया है। जिससे किसानों की समस्याएं बढ़ गई हैं।

नहीं हो रही सुनवाई
किसानों ने बताया कि वे बर्बाद फसल दिखाकर पहले भी आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई और अब तक सर्वे का काम प्रारंभ नहीं हो सका है। किसानों ने बताया कि पहले पानी अधिक गिरने के कारण फसलें बर्बाद हो गईं थीं, जो बची थीं, वे विगत दिनों हुई बारिश में पूरी तरह खराब हो गई हैं।

कर्जा कर खाद-बीज और दवा का छिड़काव किया था। लेकिन फसल बर्बाद हो जाने के कारण अब कर्जा भी नहीं चुका पाएंगे और दोबारा कर्जा करना पड़ेगा। ऐसे में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है।

... तो किसान करेंगे उग्र आंदोलन
किसान नेता सुरेन्द्र रघुवंशी ने आरोप लगाते हुए कहा कि किसान की पीड़ा अधिकारियों को दिखाई नहीं दे रही है। किसानों से प्रीयम की राशि लेकर किस बीमा कम्पनी को दी जाती है उसके बारें में बताया नहीं जाता है। अधिकारी कहते हैं कि बीमा क्लेम के लिए सीधी कम्पनी में शिकायत करो।

जबकि लाखों रूपये की राशि हर वर्ष बीमा कम्पनियों को किसानों से लेकर दी जाती है। और जब देने की बारी आती है तो बीमा कंपनी और प्रशासन द्वारा किसानों के साथ छलावा कर गुमराह किया जाता है। इसलिए जल्द किसानों की सुनवाई नहीं हुई तो किसान सड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर होगा। जिसकी जवाबदारी प्रशासन की होगी।

फिर मिला आश्वासन
किसानों की समस्या सुनने के बाद एसडीएम ने आश्वासन दिया कि प्रशासन द्वारा सर्वे का काम जल्द शुरू करा देंगें और बीमा कम्पनी के लोग भी आ गये हैं और वे भी गांव-गांव जाकर सर्वे का काम प्रारंभ करेंगे। जिसका नुकसान हुआ है उसको बीमा क्लेम की राशि दिलवाई जाएगी। किसानों को उनके नुकसान की भरवाई की जाएगी।