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Gen-Alpha की ताकत! बेटियों ने रोके बसों के पहिए, विदिशा के कई गांवों में फैला आंदोलन

Gen Alpha Protest- विदिशा जिले के सिरोंज में Gen-Alpha ने बसों का किराया कम कराने के लिए आंदोलन छेड़ दिया और यह आंदोलन अब पूरी तहसील में फैलता जा रहा है...।
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Gen Alpha Girls Protest

Gen Alpha Protest- विदिशा जिले के सिरोंज तहसील के गोपालनगर में शुक्रवार को चक्काजाम करते स्कूल के बच्चे।

Gen Alpha Girls Protest- प्राइवेट बसों का किराया बढ़ाए जाने के विरोध में स्कूली छात्राओं के प्रदर्शन ने आंदोलन का रूप ले लिया। बुधवार को शुरू हुआ छोटा-सा विरोध शुक्रवार को गोपालनगर तक पहुंच गया, जहां 13 से 16 साल की बच्चियों ने चक्काजाम कर बसों के पहिए रोक दिए। बढ़ते विरोध के बाद प्रशासन ने बस संचालकों के साथ बैठक की, अब पुराना किराया ही लेने पर सहमति बन गई। हालांकि छात्राएं चाहती हैं कि उन्हें रियायती पास जारी किए जाएं।

मध्यप्रदेश के विदिशा जिले की सिरोंज तहसील का यह मामला है। यहां प्राइवेट बसों का किराया कम करने की मांग को लेकर तीन दिन से अलग-अलग स्कूलों के छात्र-छात्राएं प्रदर्शन कर रहे हैं। जेन-अल्फा (Gen Alpha) का गुस्सा शुक्रवार 14 अगस्त को भी देखने को मिला। स्कूली बच्चों ने सिरोंज तहसील के गोपालनगर में चक्काजाम कर दिया और जमकर नारेबाजी की। प्रशासन ने एक बार फिर बच्चियों का गुस्सा शांत कराया।

पूरी तहसील में फैल गया आंदोलन

एक स्कूल से शुरू हुआ प्रदर्शन तहसील के कई स्कूलों तक पहुंच गया है। बुधवार 12 अगस्त को सिरोंज कन्या हायर सेकंडरी स्कूल की छात्राओं ने बसों के किराए में कमी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। छात्राओं ने कई बसों के पहिए रोक दिए थे। सिरोंज बस स्टैंड पर करीब आधा घंटे तक चक्काजाम भी कर दिया था।

'परिवार पर आर्थिक बोझ मत डालो'

छात्राओं का कहना था कि किराया बढ़ जाने से उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने लगा है और कई छात्राओं की पढ़ाई पर भी असर पड़ने वाला है। छात्राओं की नारेबाजी और प्रदर्शन को सोशल मीडिया से भी गति मिल गई। मामला बढ़ने लगा तो इसकी सूचना एसडीएम ओम नारायण बड़कुल तक पहुंच गई। उन्होंने छात्राओं से बात की और बस संचालकों से चर्चा कर समाधान निकालने की बात कही। विरोध और बच्चों की पढ़ाई को देखते हुए बस संचालकों ने किराया कम करने पर सहमति व्यक्त की है। अब इस फैसले से स्कूली बच्चों को राहत मिलेगी। जो रोजाना आसपास के गांवों से सिरोंज तक पढ़ाई करने स्कूल अप-डाउन करती हैं। इस बारे में एसडीएम बड़कुल ने कहा कि बच्चियों की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। एसडीओपी, तहसीलदार, टीआई और बस संचालकों के साथ मीटिंग की गई, जिसमें स्कूल जाने वाली छात्राओं से पुराना किराया ही लिया जाएगा।

'रियायती पास जारी करो'

बसों का किराया बढ़ाने के विरोध में छात्रों ने गुरुवार 13 अगस्त को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था। भीम आर्मी के तत्वावधान में सौंपे गए ज्ञापन में बढ़े हुए बस किराए की निष्पक्ष समीक्षा करने, विद्यार्थियों के लिए रियायती किराया व्यवस्था लागू करने और डेली पास जारी करने की मांग की गई। भीम आर्मी संभाग संयोजक भोपाल गब्बर सिंह ने कहा कि सरकार एक ओर “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा देती है। वहीं दूसरी ओर बढ़ते परिवहन खर्च के कारण गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित कर रही है। विद्यार्थियों के लिए रियायती किराया और डेली पास की व्यवस्था करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।