
रामनवमीं पर विदिशा से 666 किमी दूर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जन्मी बेटी के लिए कुरियर के माध्यम से कपड़े भेजे गए है। विदिशा के बेटी बचाओ आंदोलन के लिए बेटी के जन्म पर बेटी को कपड़े फ्री, पहल धीरे-धीरे विदिशा सहित देश के विभिन्न राज्यों पर पहुंच रही है। 7 अप्रेल को बेटी को फ्री कपड़े सेवा का रजिस्ट्रेशन बिलासपुर की स्वाति शर्मा द्वारा कराया गया था। इसके बाद सप्ताह भर तक बेटी के घर तक कपड़े कैसे भेजें जाएं, इस पर मंथन चलना रहा, इसके लिए बिलासपुर निवासी रीतेश शर्मा उर्फ चीकू आगे आए। उन्होंने कुरियर के माध्यम से कपड़े भेज दिए है, अब कुछ दिनों में कपड़े नवजात बेटी तक पहुंच जाएंगे।
21 सितंबर 2021 को सबसे पहले नवजात बेटी को कपड़े सेवा दी गई। इसके बाद सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार जारी रखा। शुरुआती महीनों में 15 से 20 बेटियों को एक तय स्थान से सेवा दी जाती रही है। बाद में लोगों को जानकारी मिलती रही और ये क्रम अब महीने में 30 से 40 जोड़ी कपड़े तक पहुंच गया है।
पहल के प्रमुख दीप सिंह कुशवाह ने बताया कि अब तक 1 हजार 340 जोड़ी से ज्यादा कपड़े बेटियों तक पहुंचा चुके हैं। इसका पूरा खर्च उनके द्वारा ही वहन किया जा रहा है। अब तक कपड़े सेवा भारत के चार राज्यों तक पहुंच गई है। इसे देश सहित दुनिया के कोने- कोने तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
विदिशा निवासी दीप सिंह ने अपनी बेटी भूमि कुशवाह के चौथे जन्मदिन पर 2 सितंबर 2021 से बेटी बचाओ आंदोलन का आगाज किया था। इसकी शुरुआत के लिए उन्होंने बेटी के जन्म पर बेटी को कपड़े फ्री, पहल को विदिशा में शुरू किया था। यह पहल बहुत ही सादे तरीके से शुरू की गई। इसके प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया गया। फेसबुक पर 'बेटियों को जीने दो' नाम से एक आईडी बना रखी है। जिसकी डीपी पर लिखा है, बेटी के जन्म पर बेटी को कपड़े फ्री। साथ में कुछ नियम और शर्तें भी अनुशासन के तौर पर लिखी गई हैं। सेवा के माध्यम से लोगों को बेटियों के प्रति जागरूक भी किया जाता है।
Updated on:
18 Apr 2024 04:01 pm
Published on:
18 Apr 2024 03:57 pm
बड़ी खबरें
View Allविदिशा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
