
Kanya Vivah Yojana
MP News: एक बार शादी होने के बाद पति-पत्नी दोबारा शादी करना चाहते हैं। वहीं कोई उम्र से पहले ही विवाह करने को तैयार है। जानकारी के लिए बता दें कि एमपी के विदिशा जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का लाभ लेने के लिए अजीबो-गरीब लोगों के आवेदन आए हैं।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का फायदा लेने के लिए कोई दूसरी बार तो कोई उम्र से पहले ही विवाह करने को तैयार है। सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ऐसे कई आवेदन आएं हैं, जिन्हें ऑनलाइन दर्ज करने से पहले ही जांच की प्रक्रियाओं में निरस्त किया जा रहा है। कार्यक्रम में कोई अपात्र आवेदक शामिल होकर योजना का लाभ न ले सके। इसके लिए आवेदनों की तीन स्तर पर जांच हो रही है।
वार्डों व ग्राम पंचायतों में आवेदनों की जांच के बाद नगर पालिका व जनपद पंचायतों के स्तर पर आवेदनों की जांच हो चुकी है। अब जिला पंचायत स्तर पर फिर से जांच की जा रही है। अब तक विभिन्न स्तर पर करीब 45 आवेदन निरस्त किए जा चुके हैं।
अक्षय तृतीया पर 30 अप्रेल को जिले में 8 स्थानों में मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना के तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित होने जा रहे हैं। दो स्तर पर परीक्षण के बाद 1519 आवेदन जिला पंचायत में भेजे गए हैं। जहां अब तक की जांच के बाद 903 आवेदनों से संबंधित जोड़े (वर-वधू) पात्र पाए गए हैं। इनका विवरण ऑनलाइन दर्ज कर दिया गया है। जबकि 616 आवेदनों की जांच अभी बाकी है।
जिला पंचायत तक पहुंचे आवेदनों में विदिशा जनपद पंचायत के 107 और नगर पालिका विदिशा के 58 आवेदन, जनपद पंचायत ग्यारसपुर में 165, जनपद पंचायत गंजबासौदा के 188 व नगर पालिका गंजबासौदा के 40 आवेदन, जनपद पंचायत नटेरन के डंगरवाडा में आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह के लिए 150 और नटेरन के गौरखेड़ी के लिए 67 आवेदन शामिल हैं। इसी प्रकार जनपद पंचायत कुरवाई के 114 और नगर परिषद कुरवाई के 20 आवेदन, जनपद पंचायत सिरोंज के 284 व नगर पालिका सिरोंज में 79 आवेदन जिला पंचायत को प्राप्त हुए हैं।
इसके अलावा जनपद पंचायत लटेरी में 222 व नगर पंचायत लटेरी के 25 आवेदन जिला पंचायत को मिले हैं। नटेरन में दो स्थानों में और बाकी के छह जनपद पंचायतों में एक स्थान में सामूहिक विवाह कार्यक्रम होगा। नटेरन के अलावा बाकी के जनपद पंचायतों में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में नगर पालिका व नगर परिषद के आवेदक भी शामिल होंगे।
जनपद पंचायत विदिशा को दीपक व अरूणा (दोनों के परिवर्तित नाम) की ओर से मिले आवेदन में अरूणा की उम्र 17 वर्ष थी। नाबालिग होने की स्थिति में न केवल उनका आवेदन निरस्त किया गया। बल्कि उन्हें अभी विवाह नहीं करने की समझाइश भी दी गई है। आवेदक बालिका के 18 वर्ष पूरे होने में केवल कुछ ही महीने शेष होने का हवाला दे रहे थे, लेकिन आवेदन स्वीकार नहीं किया गया।
नगर पालिका विदिशा के जतरापुरा निवासी नवविवाहित दंपती मनोज व रेनू (दोनों के परिवर्तित नाम) ने विवाह योजना का लाभ लेने के लिए दोबारा शादी की योजना बनाई और आवेदन किया, लेकिन उनका आवेदन नगर पालिका में ही जांच के दौरान निरस्त कर दिया गया। उन दोनों की करीब छह महीने पहले शादी हो चुकी है। दोबारा शादी नहीं कर सकते, इस तर्क के साथ आवेदन अस्वीकार हो गया।
सामूहिक विवाह व निकाह योजना के तहत मिले आवेदनों की तीन स्तर पर जांच की जा रही है। अपात्र होने पर निरस्त किया जा रहा है। किसी भी स्थिति में अपात्र को योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। कोई अपात्र लाभ ले लेता है तो कार्रवाई की जाएगी।- पंकज जैन, उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग विदिशा
Published on:
28 Apr 2025 05:38 pm
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