
बारिश के दौरान कक्षों में अंधेरा, नहीं होती पढ़ाई
विदिशा. जिले के अधिकांश स्कूलों में वर्षों बाद भी विद्युत व्यवस्था नहीं हो पाई है। डेढ़ वर्ष पूर्व इस संबंध में जिला शिक्षा केंद्र ने विद्युत वितरण कंपनी को विद्युतीकरण के लिए स्कूलों की सूची सौंपी थी, लेकिन स्कूलों में विद्युत रोशनी की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है।
स्कूलों के शिक्षकों का कहना है कि स्कूलों में विद्युत रोशनी नहीं होने से बारिश के दौरान कक्षों में अंधेरा रहने से बच्चों को अध्यापन कार्य नहीं करा पा रहे। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही। यही स्थिति गर्मी के दिनों में भी होती है। अप्रैल माह से सत्र शुरू हो जाता है। इस दौरान भीषण गर्मी के बीच विद्यार्थियों के साथ ही शिक्षिकीय स्टॉफ परेशान होता है। शिक्षकों ने बताया कि विद्युत व्यवस्था मूलभूत सुविधाओं में शामिल है। इसके बाद भी स्कूलों में इस सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा। उनका कहना है कि जिस तरह विद्यार्थियों की युनिफार्म, किताबें व सायकलों के वितरण के प्रति शासन ध्यान देता है। उसी तरह स्कूलों में विद्युत व्यवस्था की तरफ भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
विद्युत कंपनी को सौंपी गई सूची
इधर जिला शिक्षा केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में 2 हजार 6 सौ 73 स्कूल है। इनमें 2 हजार 145 स्कूल विद्युत विहीन है। राज्य शिक्षा केंद्र के आदेश पर डेढ़ वर्ष पूर्व इन विद्युत विहीन स्कूलों की सूची विद्युत वितरण कंपनी को सौंपी गई थी। इस सूची में स्कूल से विद्युत खंभों की दूरी को भी दर्शाया गया था, लेकिन कंपनी की ओर से इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई। करीब दो माह पूर्व भी इस संबंध में कंपनी को पुन: पत्र भेजकर स्कूलों के विद्युतीकरण के लिए स्मरण कराया गया है। जिला शिक्षा केंद्र के कर्मचारी स्कूलों में विद्युत व्यवस्था को जरूरी मान रहे हैं।
कुछ स्कूलों में जुगाड़ से बिजली
बिजली नहीं होने से हालत यह कि कुछ स्कूलों में बिजली के लिए जुगाड़ करना पड़ रही। जिला मुख्यालय स्थित सूवात लाइन स्कूल समीप के टैगोर शाला से बिजली की व्यवस्था करता आया है। इसी तरह खाईरोड स्थित किलाअंदर शाला में सीधे खंभे से बिजली जल रही है। जबकि बिजली का मीटर नहीं है। स्कूल की शिक्षिकाओं के अनुसार बिजली नहीं होने से अध्ययन कार्य प्रभावित होता था। गर्मी में बच्चे परेशान होते थे। इसलिए पहले दूसरे के घरों से बिजली की व्यवस्था की थी। बाद में पार्षद को समस्या बताई गई। इसके बाद उन्होंने स्कूल में बिजली की व्यवस्था कराई।
ब्लाकवार बिजली विहीन स्कूल
ब्लाक स्कूल संख्या
विदिशा 323
बासौदा 362
कुरवाई 310
सिरोंज 338
ग्यारसपुर 282
नटेरन 302
लटेरी 228
स्कूलों में बिजली व्यवस्था के लिए प्रयास जारी है। विद्युत वितरण कंपनी को विद्युतविहीन स्कूलों की सूची दी गई है। कार्य प्रक्रिया में हैं।
सुरेश खांडेकर, डीपीसी
राशि न मिलने के कारण विद्युतीकरण का कार्य रुका हुआ है। गत वर्ष 71 हाई स्कूलों के लिए एवं इस वर्ष 5 स्कूलों के लिए राशि मिली थी यह कार्य कराया गया।
जोस के पुंजात, महाप्रबंधक, विद्युत वितरण कंपनी
Published on:
11 Aug 2018 11:41 am
