2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पटरी से उतरी ट्रेन, एसी कोच पर चढ़ा जनरल डिब्बा, गैस कटर की मदद से बाहर निकाले यात्री

एसी कोच पर चढ़ा जनरल डिब्बा, कहीं गैस कटर से बोगी को काटकर यात्रियों को बाहर निकाला जा रहा था, तो कहीं यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए ट्रेन के ऊपर और नीचे दर्जनों की संख्या में लोग राहत कार्य में जुटे थे.

3 min read
Google source verification
पटरी से उतरी ट्रेन, एसी कोच पर चढ़ा जनरल डिब्बा, गैस कटर की मदद से बाहर निकाले यात्री

पटरी से उतरी ट्रेन, एसी कोच पर चढ़ा जनरल डिब्बा, गैस कटर की मदद से बाहर निकाले यात्री

विदिशा. रेलवे स्टेशन पर बेपटरी हुई ट्रेन, एसी कोच पर चढ़ा जनरल डिब्बा, कहीं गैस कटर से बोगी को काटकर यात्रियों को बाहर निकाला जा रहा था, तो कहीं यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए ट्रेन के ऊपर और नीचे दर्जनों की संख्या में लोग राहत कार्य में जुटे थे, ये हादसा देखकर हर कोई हैरान था कि आखिर स्टेशन पर इतना बड़ा हादसा कैसे हो गया।

दरअसल, शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे रहे थे कि अधिकारियों और मीडिया के मोबाइल घनघनाने लगे। सूचना मिली कि सोराई स्टेशन पर ट्रेन हादसा हुआ है। वहां स्टेशन पर एक बोगी आड़ी हो गई थी, जिसके ऊपर दूसरी बोगी चढ़ गई थी। पश्चिम मध्य रेलवे का अमला, क्रेन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीम के साथ मौके पर मौजूद था। एडीआरएम गौरव सिंह सहित अन्य अधिकारी और मेडिकल टीम राहत कार्यों में जुटी थी। दरअसल यह सब दृश्य ट्रेन हादसे के बाद बचाव कार्य कैसे हों, इसकी रिहर्सल के लिए था।

यात्रियों को निकालकर दे रहे थे स्वास्थ सुविधा
बोगी में फंसे लोगों को निकालकर मेडिकल कैंप में पहुंचाया जा रहा था। बार-बार माइक से ऐलान हो रहा था कि राहत दल को काम करने दें, बीच में न जाएं। उधर सायरन और एंबुलेंस की आवाज माहौल में खौफ पैदा कर रही थी। एनडीआरएफ की टीम जहां बचाव कार्य में जुटी थी, वहीं बोगियों को कटर से काटकर उनमें फंसे लोगों को निकालने का सिलसिला जारी था। सूचना केंद्र ने एडीआरएम को बताया कि हादसे में २१ यात्रियों में से १८ घायल हैं, घायलों में एक वर्ष का एक बच्चा भी शामिल है, जबकि दो यात्री गंभीर हैं और एक की मौत हुई है। सारा माहौल दहशत में डालने वाला था, लेकिन रेलवे और एनडीआरएफ की टीम पूरी मुस्तैदी से बचाव में जुटी थी। यह सब दृश्य ट्रेन हादसे के बाद बचाव कार्य कैसे हों, इसकी रिहर्सल के लिए था।

यह भी पढ़ें : आप भी हैं बीपी और हार्ट के मरीज तो तुरंत कर लें ये व्यवस्था

इससे डेढ़ घंटे तक माहौल हादसे जैसा ही रहा। एनडीआरएफ के टीम कमांडर राजेश कुमार मीणा ने बताया कि सूचना मिलते ही 32 जवानों के साथ हम मौके पर पहुंचे और हर संभव राहत कार्य कर ट्रेन में फंसे लोगों को निकाला है। इसी तरह एसडीआरएफ की 13 सदस्यीय टीम भी कंपनी कमांडर डीआर वर्मा के साथ मौके पर मौजूद रही। जबकि भोपाल रेल मंडल से आए आरपीएफ के 45, जीआरपी के 20 और विदिशा पुलिस के करीब 20 जवान मौके पर मौजूद रहे। प्रभारी एसडीएम अमृता गर्ग, तहसीलदार सरोज अग्निवंशी, सीएसपी विकास पांडेय, टीआइ योगेंद्र सिंह दांगी भी यहां मौजूद रहे।एडीआरएम गौरव सिंह के साथ ही भोपाल रेल मंडल की इंजीनियरिंग टीम, मेडिकल टीम और अन्य अधिकारी मौजूद थे।