
patrika raksha kavach: मोबाइल पर गेम के ऐप सोच-समझकर डाउनलोड करें। पूरी संभावना है कि गेम का ऐप डाउनलोड होते ही मोबाइल हैक हो जाए। बेहतर होगा कि मोबाइल पर गेम खेलें ही नहीं। केंद्रीय विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने बच्चों को ये जानकारी दी। पुलिस की ओर से सोमवार को चलाए गए जागरूकता अभियान के तहत एसपी व एएसपी के अलावा अन्य पुलिस अधिकारियों ने भी स्कूलों में जाकर साइबर अपराध सहित अन्य कई बिन्दुओं पर जागरूक किया।
पुलिस अधीक्षक ने केंद्रीय विद्यालय में छात्र-छात्राओं से कहा कि वर्तमान में लोग तेजी से साइबर क्राइम का शिकार हो रहे हैं। साइबर ठग कभी लालच देकर तो कभी डराकर लोगों से रकम ऐंठ रहे हैं। अब तक मोबाइल पर ऐप डाउनलोड करने, एपीके फाइल खोलने पर, वेबसाइट से हेल्पलाइन नंबर लेकर उससे मदद लेने जैसे कई अन्य दूसरे माध्यमों से कई लोग ठगे जा चुके हैं।
एसपी ने कहा कि लोग थोड़ा सा सतर्क रहें और किसी लालच या डर से प्रभावित न हों तो ठगी की आशंका काफी कम हो जाती है। इसी तरह साइबर क्राइम से बचने के लिए कई तरह के अन्य सुझाव देते हुए एसपी ने स्कूल के बच्चों से कहा कि वे अपने घरों में भी यहां दी गई जानकारी को साझा करें। ताकि माता-पिता भी ठगों के जाल में फंसने से बच सकें। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने भी एसपी से कई सवाल किए। जिसका उन्हें संतोषजनक जवाब दिया गया।
एसपी ने कहा कि साइबर ठग मोबाइल पहले हैक कर लेता है या फिर बैंक एकाउंट से पैसे निकालता है। कहा कि इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दें। जितनी जल्दी पुलिस को जानकारी मिलेगी, नुकसान भी उतना ही कम होगा। साथ ही पुलिस अपराधियों को जल्द ही उनकी कोशिश को नाकाम कर सकेगी। बताया कि साइबर ठगी से बचने के लिए 1930 हेल्पलाइन नंबर पर जानकारी दें। साथ ही साइबर क्राइम के पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है। पुलिस की ओर से अभियान चलाकर 35 स्कूलों में बच्चों को जागरूक किया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे ने साकेत एमजीएम हायर सेकंडरी स्कूल पूरनपुरा, डीएसपी ज्योति शर्मा ने सनराइजर्स स्कूल और महिला थाना प्रभारी निरीक्षक उर्मिला यादव एमिनेंट हाइट्स पब्लिक स्कूल में बच्चों को जागरूक किया। इसी तरह से थाना प्रभारी कोतवाली, सिविल लाइन, महिला थाना, यातायात थाना व अजाक थाना पुलिस ने स्कूली बच्चों को साइबर अपराध सहित अन्य बिन्दुओं पर जागरूक किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को पुलिस की कार्यप्रणाली, हेल्पलाइन नंबर, महिला सुरक्षा कानून, सड़क सुरक्षा, यातायात नियम और गुड टच व बैड टच के बारे में बताया। साथ ही नशा से दूर रहने व पुलिस की मदद लेने के लिए भी प्रेरित किया। छात्राओं व शिक्षिकाओं को महिला सुरक्षा संबंधित जानकारी भी दी गई। एसपी के मुताबिक बच्चों को जागरूक करने और उनके जरिए घरों के बड़े-बुजुर्गों तक साइबर अपराध से बचने के लिए संदेश पहुंचाने का क्रम जारी रहेगा।
Updated on:
14 Jan 2025 04:00 pm
Published on:
14 Jan 2025 03:59 pm
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