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बोरवेल में गिरे बच्चे का रेस्क्यू ऑपरेशन, जिंदगी की जंग हार गया 7 साल का मासूम

26 घंटे से ज्यादा बोरवेल में फंसे मासूम लोकेश तक पहुंची एनडीआरएफ की टीम....। बच्चे को निकालकर अस्पताल ले गए...।

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आनंदपुर (विदिशा)। जिले की लटेरी तहसील में खेरखेड़ी पठार गांव के पास खेत में खेल रहे 7 साल के लोकेश अहिरवार के लिए खेत के बोरवेल का गड्ढा उसकी जान का दुश्मन बन गया। 60 फीट गहरे गड्डे में वो 43 फीट पर जाकर फंस गया था। 25 घंटे की मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाल लिया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इधर, इस घटना पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दुख व्यक्त करते हुए 4 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया है।

7 साल का लोकेश अहिरवार खेलते हुए बोरवेल में गिर गया था। गड्ढा 60 फीट गहरा था, जिसमें बच्चा करीब 43 फीट पर जाकर फंस गया था। 52 फीट तक खुदाई के बाद एनडीआरएफ की टीम बच्चे तक पहुंचने में सफल रही। 25 घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे को बाहर निकाल लिया गया। उसे तुरंत ही बच्चे को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया है। जहां डाक्टर उसे उसे बचाने के काफी प्रयास किए। अंततः उसे मृत घोषित कर दिया गया।

विदिशा जिले की लटेरी तहसील के आनंदपुर के खेरखेडी पठार में एक बच्चे को बोरवेल में गिरने से देशभर के लोगों की निगाह इस घटना पर लग गई थी। लोग बच्चे की जिंदगी के लिए प्रार्थना कर रहे थे। कलेक्टर उमाशंकर भार्गव सहित भोपाल में बैठे प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग भी लगातार नजर बनाए हुए थे। बच्चे को ठीक 11.40 पर बाहर निकाल लिया गया था।

मंगलवार सुबह हुई घटना

घटना सुबह करीब 10.30 बजे खेरखेड़ी पंचायत के खेरखेड़ी पठार की है। देर रात तक बच्चे को बचाने की मशक्कत जारी रही। जिस खेत में यह घटना हुई, वहां बंदीपुर ग्राम का दिनेश अहिरवार और उसका परिवार चना काटने आया हुआ था। खेत में कटाई चल रही थी, इस दौरान बच्चे खेत में खेल रहे थे। बंदर से डरकर दौड़ता हुए दिनेश का पुत्र लोकेश खेत में बने गड्ढे में जा गिरा।


दोपहर बाद रेस्क्यू ऑपरेशन को गति देने के लिए भोपाल से एनडीआरएफ की 15 सदस्यीय टीम, एसडीआरएफ की 17 सदस्यीय टीम सहित बड़ी पोकलेन मशीन से खुदाई की गई। बच्चे के रेस्क्यू के लिए प्रशासन ने तत्काल 5 जेसीबी और पोकलेन मशीनों से काम शुरू किया। साथ ही आक्सीजन सप्लाई भी पहुंचाई गई। बोरवेल के पास बड़ी खंती खोदी जा रही है। मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौजूद है।

फसल चौपट हुई तो रो पड़ा किसान परिवार

घटना स्थल पर पहुंचने के लिए वाहनों को खेतों में से ही रास्ता बनाना पड़ा। ऐसे में जमीन बटिया से लेकर खेती करने वाले किसान की धनियां की खड़ी फसल पर से जब जेसीबी, कार, जीपों सहित सैंकड़ों लोग आने-जाने लगे तो फसल बर्बाद हो गई। यह देखकर किसान परिवार के लोग मौके पर ही खूब रोये। इस पर कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने नुकसानी का मुआवजा देने का वादा किसान परिवार से किया।

ऐसे चला रेस्क्यू ऑपरेशन