
bharat bandh: घर पहुंचकर विधायक को घेरा, हजारों लोग सड़कों पर उतरे
विदिशा. एससी-एसटी एक्ट में बदलाव और पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में सपॉक्स के बैनरतले हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। करीब ३ हजार लोगों ने पूरे बाजार में घूम-घूमकर नारेबाजी की। विधायक के घर पहुुचकर उन्हें घेरा। यहां गाली गलौंच हुई। उधर शहर में ऐतिहासिक बंद रहा और चाय, नाश्ता और पेट्रोल तक लोगों को नसीब नहीं हुआ।
सुबह 7 बजे से सपाक्स के सदस्य बाइकों से घूमघूम कर बंद पर नजर रखे हुए थे, लेकिन स्वत: ही पूर्ण बंद था। माधवगंज पर बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते गए और नारेबाजी करते रहे। व्यापारी, वकील, डॉक्टर, समाजसेवी और युवा हर वर्ग यहां एकत्रित हो गया। जमकर नारेबाजी के बीच पूरी भीड़ विधायक कल्याणसिंह दांगी के घर जा पहुंची। हंगामे के बीच विधायक बाहर आए, उनसे आंदोलन में साथ मांगा गया तो उन्होंने दो टूक कहा कि-मैं वो नहीं कहूंगा, जो आप कहलवाना चाहते हो। यह सुनकर हंगामा बढ़ गया और विधायक मुर्दाबाद के नारे लगने लगे। यहां लोगों ने उनसे कहा कि हमारे वोटों से ही आप विधायक बने हो लेकिन वे चुप रहे। बड़ी संख्या में लोगों को देखकर विधायक अंदर चले गए और काफी देर तक नारेबाजी करते लोग वापस माधवगंज आ गए।
यहां से विशाल रैली शहर में निकली और मुख्य बाजार होते हुए तिलक चौक, बड़ा बाजार, श्रद्धानंद पथ होते हुए नीमताल पहुची। यहीं आंदोलनकारियों ने अपना डेरा डाल दिया और कलेक्टर को बुंलाने और यहीं पर ज्ञापन देने की बात पर अड़ गए। एसडीएम, एडीशन एसपी, एसडीएम, सीएसपी को ज्ञापन देने से इंकार कर दिया गया। लोग हाइवे जामकर चौराहे पर ही बैठ गए, जिससे यातायात थम गया। बाद में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह आए और उन्हें ज्ञापन सौंपकर रैली खत्म की गई।
रैली में सवर्ण और ओबीसी के हर वर्ग से लोग शामिल हुए। डॉक्टर, प्रोफेसर, व्यापारी, पुजारी, कर्मचारी, समाजसेवी, अधिकारी, छात्र मुख्य रूप से शामिल हुए। सिंधी समाज की महिलाएं और बच्चे भी इस रैली में पूरे समय मौजूद रहे। जैन मिलन की पूरी टीम मौजूद रही। नीमताल पर रैली को व्यापार महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेश मोतियानी, डॉ नीरज शक्ति निगम, सपाक्स नेता हेमंत राजपूत, अतुल तिवारी, कर्मचारी नेता उदय हजारी और वकीलों ने भी संबोधित किया। माधवगंज पर सपाक्स नेता डॉ नरेन्द्र शुक्ला ने भी संबोधित किया।
इस दौरान बाजार पूरी तरह बंद रहा। सब्जी मंडी, अनाज मंडी, मुख्य बाजार, चाय-नाश्ते की होटलें, सब्जी-फल के ठेले, पेट्रोल पम्प, स्कूल सब पूरी तरह बंद रहे। व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुरेश मोतियानी ने खुद अपने भाषण में कहा कि महासंघ ने कई बार बंद कराया है, लेकिन इस बार जैसा बंद कभी नहीं हुआ।
Published on:
6 Sep 2018, 2:30 PM IST
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