
विदिशा। सोमवती अमावस्या पर सुबह से ही नदी के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ स्नान करने के लिए उमडऩे लगी थी। इस दौरान महिलाओं ने नदी में आस्था की डुबकी लगाई और मंदिरों में पूजन-अर्चन किया। इसके साथ ही पीपल और बड़ के पेड़ों का पूजन कर उनकी 108 परिक्रमा की। वहीं घरों में भी तुलसा का पूजन कर परिक्रमा करने का दौर चलता रहा। सुबह पांच बजे से ही नदी पर नागरिकों के आने का तांता शुरु हो गया था। सबसे ज्यादा भीड़ बड़वाले घाट पर रही। यहां महिलाओं के साथ ही पुरुषों की भी भीड़ देखने को मिली। नदी में स्नान करने के बाद नागरिक वहां स्थित शनिमंदिर और भोलेनाथ के मंदिर सहित राम मंदिर आदि पहुंचे और पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही वहां मौजूद गरीबों को भी यथाशक्ति गेहूं, चावल आदि दान किया गया। इसी प्रकार रामघाट, बहराबाबा घाट, चरणतीर्थ आदि पर भी स्नान करने श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दोपहर तक नदी पर श्रद्धालु स्नान करने आते रहे। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से भी ट्रेक्टर-ट्राली से बड़ी संख्या में नागरिक नदी आए हुए थे। दोपहर तक नदी पर श्रद्धालु स्नान करने आते रहे। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से भी ट्रेक्टर-ट्राली से बड़ी संख्या में नागरिक नदी आए हुए थे।
मंदिरों में हुआ विशेष पूजन-अर्चन
मुखर्जीनगर स्थित अन्नपूर्णा मंदिर, माधवगंज स्थित शिवालय, सिद्धेश्वरी मंदिर, दुर्गानगर स्थित ज्वाला देवी मंदिर, बटेश्वर महादेव मंदिर, खेरापति माता मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी सुबह से ही महिलाओं की भीड़ उमड़ी और भगवान का पूजन कर पीपल आदि वृक्षों का पूजन कर उनकी 108 परिक्रमा की गई।
मंदिरों में हुआ विशेष पूजन-अर्चन
मुखर्जीनगर स्थित अन्नपूर्णा मंदिर, माधवगंज स्थित शिवालय, सिद्धेश्वरी मंदिर, दुर्गानगर स्थित ज्वाला देवी मंदिर, बटेश्वर महादेव मंदिर, खेरापति माता मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी सुबह से ही महिलाओं की भीड़ उमड़ी और भगवान का पूजन कर पीपल आदि वृक्षों का पूजन कर उनकी 108 परिक्रमा की गई।
Published on:
16 Apr 2018 08:25 pm
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