5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अपनी बिजली बनाऐगा और दूसरों को भी बेचेगा यह कॉलेज, आईडिया चौकाने वाला

जल्द शासकीय गल्र्स कॉलेज बेचेगा बिजली... सौर ऊर्जा प्लांट लगाने की चल रही तैयारी

2 min read
Google source verification
solar plant

विदिशा। आने वाले समय में जल्द ही शासकीय गल्र्स कॉलेज को हर माह आने वाले भारी भरकम बिजली के बिल जमा करने से मुक्ति मिलने वाली है। इसके साथ कॉलेज स्वयं की बिजली उत्पादन करने के साथ ही अतिरिक्त बिजली को बेचकर अतिरिक्त आय भी प्राप्त करेगा। इसके लिए शासन ने जिले के शासकीय गल्र्स कॉलेज को चयनित कर लिया है और कॉलेज प्रबंधन जनभागीदारी से सोलर (सौर ऊर्जा) प्लांट लगाने की तैयारी कर रहा है।

अधिकारीयों को मिलेगा प्रशिक्षण

कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार की मंशानुसार जिले में सिर्फ शासकीय गल्र्स कॉलेज को योजना के तहत चयनित किया गया। जिसके लिए कॉलेज के संबंधित अधिकारी को इसका प्रशिक्षण भी भोपाल में दिया जा चुका है। वहीं सभी प्रारंभिक तैयारियां भी हो चुकी हैं।

प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। अब जनभागीदारी से इस प्लांट को लगाने की तैयारी चल रही है। जिसमें सब मिलाकर करीब 14 लाख रूपए का खर्च आना बताया जा रहा है। यह प्लांट ऑनग्रीड वाला 10 किलोवॉट का होगा। शासकीय गल्र्स कॉलेज के बाद जिले के सभी कॉलेज में यह सोलर प्लांट लगाने की योजना है।

तीन माह की बिजली बेचेगा कॉलेज

कॉलेज के योजना प्रभारी डॉ. केके कुम्भारे ने बताया कि सोलर प्लांट से जो बिजली उत्पादन होगा उसका उपयोग कॉलेज की विद्युत के लिए किया जाएगा। वहीं प्रति सप्ताह शनिवार, रविवार सहित अन्य अवकाश के दिनों में होने वाली बिजली उत्पादन को कॉलेज बेचेगा। इस प्रकार साल में करीब तीन माह से अधिक दिनों की बिजली कॉलेज प्रबंधन बेच सकेगा। यह बिजली विद्युत वितरण कंपनी के साथ ही अन्य विभागों को भी बेची जा सकती है।


ऐसे बेचेगा कॉलेज बिजली

इस प्लांट के लग जाने के बाद जितनी विद्युत खपत कॉलेज की होगी कॉलेज उपयोग कर सकेगा। लेकिन अतिरिक्त ऊर्जा को स्पीलीटर के माध्यम से विद्युत वितरण कंपनी के पॉवर प्लांट पर चली जाएगी।

वहीं कॉलेज में इसके लिए एक मीटर भी लगा होगा जिससे पता चलेगा कि कितनी यूनिट बिजली का उपयोग कॉलेज ने किया और कितनी बिजली विद्युत वितरण कंपनी को गई। भेजी गई यूनिट का रेट तय किया जाएगा। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार अतिरिक्त बिजली को सीधे अन्य विभाग को भी इसी तरह भेजकर बेचा जा सकता है।

बढ़ा सकते हैं क्षमता
कॉलेज में भविष्य में छात्राओं की संख्या बढऩे और कॉलेज विस्तार होने पर विद्युत खपत बढऩे पर ऑनग्रिड सोलर सिस्टम के तहत सिर्फ अतिरिक्त बैटरी लगाना होगी और इसकी विद्युत उत्पादन क्षमता दोगुनी या इससे अधिक की जा सकती है।


डेढ़ साल में निकल आएगी कीमत
इस सोलर प्लांट को लगाने के बाद करीब एक से डेढ़ साल बिजली का बिल जमा नहीं करने और बिजली बेचने से प्लांट का पूरा खर्चा निकल आएगा। इसके बाद कॉलेज को फ्री में बिजली मिलेगी और बिजली बेचने से अतिरिक्त आय भी होगी।

विकास कार्यों में लगेगी राशि
कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि सोलर प्लांट लगने से हर माह खर्च होने वाली विद्युत बिल की राशि की बचत होगी इसके साथ ही बिजली बेचने से अतिरिक्त आय होगी। इस राशि का उपयोग कॉलेज के विकास और छात्राओं की विभिन्न सुविधाओं के लिए किया जाएगा।

कॉलेज में सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जनभागीदारी से इसे लगाया जाएगा। इससे कॉलेज की स्वयं की बिजली उत्पादन कर हर माह आने वाले बिजली खर्च की बचत होगी। वहीं अतिरिक्त बिजली को विद्युत वितरण कंपनी को भी बेचा जा सकेगा। जिससे कॉलेज की अतिरिक्त आय होगी, जिसका उपयोग कॉलेज विकास में हो सकेगा।
- डॉ. एम माथुर, प्राचार्य, शासकीय गल्र्स कॉलेज