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खुद से नालियों की सफाई कर रहे हैं विदिशा कलेक्टर , खुश होकर सीएम ने की तारीफ

विदिशा कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह एक बार फिर से चर्चा में हैं। वो खुद ही शहर की नालियों की सफाई कर रहे हैं।

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vidisha collector

vidisha collector

विदिशा.मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के कलेक्टर ( vidisha collector ) कौशलेंद्र विक्रम सिंह ( Kaushlendra Vikram Singh ) अपने कामों को लेकर खूब चर्चा में हैं। कौशलेंद्र लोगों को जागरूक करने के लिए शहर की बजबजाती नालियों की खुद ही सफाई ( cleans sewer ) कर रहे हैं। उनका साथ जिले के दूसरे अफसर भी देते हैं। विदिशा कलेक्टर इस पहल की खूब चर्चा हो रही है। जब मध्यप्रदेश के सीएम ( Kamal Nath ) ने उन्हें ऐसा करते हुए देखा तो उन्होंने ट्वीट कर उऩके काम की तारीफ की है।

दरअसल, विदिशा कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह सुबह-सुबह सफाई करने के लिए कनस्तर और फावड़ा लेकर किसी इलाके में पहुंच जाते हैं। उनके साथ जिले के कई अन्य अधिकारी भी होते थे। डीएम नालियों की सफाई करने में जरा भी संकोच नहीं करते हैं। वे खुद अपने मुंह पर मास्क लगाकर नालियों में उतर पड़ते हैं। इसके बाद कनस्तर में गंदगी निकालकर ऊपर खड़े साथियों को देते हैं। या कभी खुद ऊपर रहकर गाड़ी में कचरा को लोड करते हैं।

सोशल मीडिया पर भी खूब है चर्चा
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह करीब एक हफ्ते से शहर में हर दिन साफ-सफाई का काम करते हैं। हर दिन वह किसी दूसरे इलाके में जाते हैं। उनके साथ एसडीएम लोकेंद्र सिंह और निगम के भी कुछ अधिकारी होते हैं। सोशल मीडिया पर नालियों की सफाई करते हुए डीएम की कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हैं। इन तस्वीरों को शेयर कर लोग इनसे सीख लेने की बात कर रहे हैं।

कमलनाथ ने की तारीफ
मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ भी विदिशा कलेक्टर इस पहल से खुश हैं। कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा है कि विदिशा कलेक्टर और उनकी टीम द्वारा सफाई व्यवस्था को लेकर किया जा रहा कार्य सराहनीय और प्रशंसनीय है। यह दूसरों के लिए प्रेरक भी है, महात्मा गांधी जी का यही संदेश है कि कोई कार्य छोटा नहीं होता है, ठान लिया जाए तो हर चीज संभव है।

क्यों कर रहे ऐसा
विदिशा कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह कहते हैं कि जब सिस्टम सुस्त हो तो उनसे डांट-फटकार कर काम कराओ। उसके बाद खुद ही पहल करो और काम शुरू कर दो। इसे देखकर लोग खुद भी आपसे जुड़ते जाएंगे। वहीं, डीएम जिन इलाकों में सफाई के लिए जाते हैं, स्थानीय लोग खुद ब खुद उनके साथ हो जाते हैं।