
विदिशा की रामलीला में दर्शकों की कमी के लिए जाना जाएगा 121 वां वर्ष
विदिशा. शुक्रवार की शाम रामलीला मैदान में नारांतक वध की लीला का दर्शन हुआ। ऐतिहासिक रामलीला में यह पहली बार हो रहा है जब पूरी रामलीला दर्शकों के बिना या नाम मात्र के दर्शकों के साथ ही पूरी हो रही है। शनिवार को रामलीला का सबसे महत्वपूर्ण प्रसंग रावण वध होगा। हर बार रावण वध के दिन रामलीला परिसर में हजारों की संख्या में दर्शक मौजूद रहते थे और पूरा परिसर खचाखच भरा रहता था। दर्शकों की संख्या देखकर किरदारों में भी खूब उत्साह रहता था। दोपहर 4 बजे से शुरू होने वाली रावण वध के दिन की लीला रात 10 बजे तक चलती थी। सोमवार को भगवान राम के अयोध्या लौटने और राम राज्याभिषेक की लीला के साथ ही रामलीला का समापन हो जाएगा, लेकिन 121 वें वर्ष की यह रामलीला दर्शकों की कमी के लिए हमेशा याद की जाएगी। शुरूआती दिनों में तो दर्शकों का पूरी तरह टोटा था, लेकिन बाद-बाद में करीब 200-500 दर्शक रोज आने लगे।
रामलीला के सह प्रधान संचालक डॉ सुधांशु मिश्र ने बताया कि इस बार देवियों की संख्या कम रहेगी और सांकेतिक रूप से देवी जी की परिक्रमा होगी। इसके बाद राम की शक्ति पूजा और रावण की शिव पूजा होगी। राम-रावण की सेना में भीषण माया युद्ध होगा, जिसमें एक साथ कई रावण राम सेना के साथ लड़ते दिखाई देंगे। अंत में रामलीला परिसर के बीचों बीच बने चबूतरे पर राम-रावण का निर्णायक युद्ध होगा, जिसमें रणचंडी हाथ में आग का खप्पर और खड्ग लेकर भैरव के साथ खूब नाचेगी। डरावनी आवाजों, पटाखों की आवाजों और रंग बिरंगी रोशनी के बीच उठते धुएं के साथ यह युद्ध भीषण होगा, जिसमें रावण मारा जाएगा। रावण वध के दिन शुभम शर्मा रावण का मुख्य किरदार निभाएंगे। इसके बाद परिसर में आतिशबाजी और रावण के पुतले के दहन और रामजी की आरती के साथ लीला का समापन होगा।
Published on:
28 Jan 2022 09:08 pm
बड़ी खबरें
View Allविदिशा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
