2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जिले के 11 गांव में पानी के परिवहन की नौबत

संकट से निपटने वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

विदिशा

•

image

Deepesh Tiwari

•

Updated: 27 Apr 2018, 1:13 PM IST

water pollution, shortage of water, water, vidisha, vidisha news, patrika bhopal, patrika news,

विदिशा। अप्रैल की विदाई के साथ मई दस्तक देने को है। जल स्तर और नीचे जाएगा और जलस्त्रोत सूखेंगे। कई गांव में अभी से भीषण जल संकट है। अभी तक जैसे-तैसे थोड़े बहुत पानी का इंतजाम कई गांव में हो रहा था, लेकिन अब हालात और बिगड़ेंगे। अप्रैल में ही कुछ गांवों को सूखा का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने ऐसे 11 गांव चुने हैं, जहां पानी की बेहद किल्लत हो सकती है। आसपास भी कोई जलस्त्रोत न होने से यहां पानी के परिवहन की नौबत आ सकती है।

जिन ग्रामों को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी ने समस्यामूलक मानकर पानी के परिवहन के लिए चुना है। उनमें नटेरन का बंजारा चक्क और भरनाखेड़ा, ग्यारसपुर का खंदा, गंजबासौदा का कंजना पठार और शेखपुर, सिरोंज का नूरपुर, कुरवाई का सूजा बरखेड़ा और गंभीरिया, लटेरी में अमहाई, भील बावड़ी और कल्याणपुरा की बस्तियां शामिल हैं।

ऐसी आ रही समस्याएं
नटेरन के बंजारा चक्क में पानी की समस्या दूर करने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के अमले ने पूरी रात काम कर कुएं में मोटर डालकर करीब एक किमी लाइन बिछाकर पानी को बस्ती में पहुंचाने का प्रयास किया। लेकिन सिंगल फेस लाइट होने के कारण आधे रास्ते ही पानी आ सका, जिससे फिलहाल गांव में पानी नहीं पहुंच सका। अब गांव में टंकी रखकर सिंगल फेस की जगह डबल फेस का मोटर पम्प लगाया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को कुछ राहत मिल सकेगी। इसी तरह के हालत अन्य ग्रामों में भी हैं।


जिले की 11 बसाहटों को समस्यामूलक के रूप में चिन्हित किया गया है। पानी का परिवहन अभी तो नहीं हो रहा है, लेकिन अगले 15 दिन में यह स्थिति बन सकती है। हम इन सभी ग्रामों में वैकल्पिक व्यवस्था कर उनमें पानी मुहैया कराने के पूरे प्रयास कर रहे हैं। सभी जगह हैण्डपम्प भी प्रस्तावित किए हैं। ग्रामीणों को परेशान नहीं होने देंंगे।
-गौरव सिंघई, कार्यपालन यंत्री पीएचई विदिशा