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Obesity का खतरा है उन बच्चो को अधिक जिनके ग्रैंडपेरेंट्स रहें हैं मोटापे से संक्रमित, जानिए इसके पीछे की वजह

क्या मोटापे का खतरा उन बच्चों को अधिक होता है जिनके घर में मोटे लोगों की संख्या अधिक हो या जिनके दादा-दादी नाना-नानी मोटापे से ग्रसित रहे हो।  
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नई दिल्ली

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Divya Kashyap

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Updated: 21 Jan 2022, 7:34 PM IST

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मोटापा एक ऐसी बीमारी है जो इंसान को कई सारी बीमारियां दे सकती है ओबेसिटी का शिकार होकर आप अपने लिए कई तरह के बीमारी को न्योता देते हैं हाई ब्लड प्रेशर से लेकर डायबिटीज शुगर एंजाइटी स्ट्रेस आदि। परंतु क्या आप जानते हैं उन बच्चों को मोटापे का खतरा अधिक होता है जिनके ग्रैंड पैरेंट्स मोटापे के शिकार होते हैं। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इसी विषय में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। हम आपको बताने जा रहे हैं कि क्या मोटापे का खतरा अनुवांशिक हो सकता है । और यदि हां तो इससे बचने के लिए आपको कौन-कौन से कदम उठाने चाहिए।

क्या मोटापा अनुवांशिक होता है
मोटापा यूं तो किसी को भी अपनी चपेट में ले सकता है परंतु जिनके पूर्वजों में ओबेसिटी की समस्या होती है उनके मोटापे के चपेट में आने के चांसेस भी ज्यादा होते हैं।मोटापे को नियंत्रित करने के लिए एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है क्योंकि यह एक व्यक्ति के आनुवांशिकी और जीवन शैली से जुड़ा मुद्दा है। डॉक्टर अक्सर व्यायाम करने की सलाह देते हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि व्यक्तियों में आनुवंशिकी के कारण वजन बढ़ने पर अंकुश लगाने के लिए कौन सी एक्‍सरसाइज सबसे अच्‍छी है।

अनुवांशिक मोटापे को नियंत्रित करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है की आप अपने रुटीन में फिजिकल एक्टिविटी को शामिल करें। जैसे की वॉकिंग, डांसिंग, स्ट्रेचिंग आदि। अगर आपके पूर्वजों में मोटापे की संख्या अधिक रही है तो आपको शुरू से ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। फिजिकल एक्टिविटी अधीक से अधीक मात्रा में करें। और खान पान पर विशेष ध्यान दें।

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साथ ही आपको अपने खान पान का भी ध्यान रखना चाहिए। आपके बॉडी में पहले से ही ऐसे तत्व मौजूद हैं जो मोटापा के कई लक्षणों को बढ़ावा देते हैं। तो आपको अपने खान पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।