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1991 से 2000 के बीच जन्मी लड़कियों को लेकर वैज्ञानिकों ने किया चौंकाने वाला खुलासा

वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध में यह साबित हुआ है कि साल 1991 से 2000 के बीच में जन्मी महिलाएं उतनी ही शराब पी रही हैं, जितना पुरुष।

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in comparison on men women fastly get addicted to alcohol

1991 से 2000 के बीच जन्मी लड़कियों को लेकर वैज्ञानिकों ने किया चौंकाने वाला खुलासा

नई दिल्ली। अगर आप भी यही सोचते हैं कि पुरुष ही शराबी होते हैं तो आप गलत हैं। हाल ही के दिनों में वैज्ञानिकों के एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। अब यह शूरत है कि, पुरुषों की तुलना में महिलाएं दोगुणा शराब पीती हैं। वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध में यह साबित हुआ है कि साल 1991 से 2000 के बीच में जन्मी महिलाएं उतनी ही शराब पी रही हैं, जितना पुरुष। पीने की स्पीड में ये पीढ़ी पुरुषों को पीछे छोड़ रही है। जानकारी बता दें कि, महिलाओं में सिरोसिस से मौत के मामले में 57 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। वहीं पुरुषों में सिरोसिस से मौत के मामले में 10 फीसदी की कमी देखी गई है। बता दें कि, सिरोसिस यकृत की कैंसर के बाद सबसे गंभीर बीमारी है, इस बीमारी का इलाज लीवर प्रत्यारोपण के अलावा और कोई नहीं है। इस रोग में यकृत कोशिकाएं बडे पैमाने पर नष्ट हो जाती हैं और उनके स्थान पर फाइबर तंतुओं का निर्माण हो जाता है। यकृत की बनावट भी असामान्य हो जाती है, जिससे पोर्टल हाइपरटैंशन की स्थिति बन जाती है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, शराब के ओवरडोज के बाद अस्पताल के इमरजेंसी में पहुंचने वाली महिलाओं की संख्या भी बढ़ रही है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, महिलाओं के शरीर से बेहद सीमित मात्रा में अल्कोहल डिहाइड्रोगेनेज (एडीएच) इंजाएम निकलता है। यह लीवर से निकलता है और शरीर में अल्कोहल को तोड़ने का काम करता है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में मनोविज्ञान के प्रोफेसर और मैकलीन हॉस्पीटल, मैसाच्यूटएस में एडिक्शन साइकोलॉजिस्ट डॉन सुगरमैन का कहना है, “महिलाओं पर शराब के असर की आशंका ज्यादा होने के चलते ही शराब पीने वाली महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा समस्याएं होती हैं। ” जो महिलाएं ज्यादा शराब पीती हैं, उनमें पुरुषों की तुलना में शराब की लत और मेडिकल समस्याएं ज़्यादा उत्पन्न होती हैं। लीवर सिरोसिस होने पर व्यक्ति स्वयं को बीमार महसूस करता है, शुरूआती चरण में कोई खास लक्षण नहीं दिखते, लेकिन जैसे ही बीमारी बढ़ती है लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं।