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सावन में पूरे एक माह तक शिव जी रहते हैं यहां, इस वजह से लेना पड़ा था उन्हें यह फैसला

सावन के महीने में भगवान शिव अपने ससुराल में रहते हैं। यह स्थान हरिद्वार के निकट कनखल में स्थित है।

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Arijita Sen

Jul 29, 2018

दक्षेश्वर महादेव मंदिर

सावन में पूरे एक माह तक शिव जी रहते हैं यहां, इस वजह से लेना पड़ा था उन्हें यह फैसला

नई दिल्ली। कल यानि कि 28 जुलाई से सावन के महीने की शुरूआत हो चुकी है। इस महीने का इंतजार हर शिव भक्त को बड़ी ही बेसब्री से रहता है। भक्त सावन के महीने में शिवजी को मनाने का भरसक प्रयास करते हैं। आज हम आपको शिवजी से संबंधित एक बात बताने जा रहे हैं जिसके बारे में शायद आपने इससे पहले नहीं सुना होगा।

बता दें, सावन के महीने में भगवान शिव अपने ससुराल में रहते हैं। यह स्थान हरिद्वार के निकट कनखल में स्थित है। यहां एक मंदिर है जिसे दक्षेश्वर महादेव मंदिर ? के नाम से जाना जाता है। सावन के महीने में इस मंदिर में पूरे एक माह तक शिवजी रहते हैं। यह मंदिर माता सती के पिता दक्ष प्रजापति के नाम पर है, लेकिन भगवान शिव को समर्पित है।

जैसा कि हम सभी ने माता सती के भस्म होने की कथा के बारे में सुना है। सती मां अपने पिता के विरूद्ध जाकर शिव जी से विवाह किया था। इस बात से दक्ष नाखुश थे और उन्होंने शिव जी और सती को विराट यज्ञ का निमंत्रण नहीं भेजा।

इधर शिव जी के मना करने के बावजूद भी सती खुद को रोक ना सकी और अपने पिता के घर चली गई। जब बिना निमंत्रण के सती वहां पहुंची तो दक्ष ने उनका और भगवान शिव का काफी अपमान किया। जिसके चलते सती ने स्वयं की ज्वाला से खुद को भस्म कर लिया।

जब भगवान शिव को इस बारे में पता चला तो उन्होंने क्रोध में आकर दक्ष का सिर काट दिया, लेकिन बाद में क्षमा मांगने पर शिव जी ने उन्हें बकरे का सिर लगाया और क्षमा कर दिया।

मान्यताओं के अनुसार शिव जी सावन के महीने में कनखल में निवास करते हैं। मंदिर में यज्ञ कुण्ड आज भी अपने स्थान पर ही स्थापित है जिसे सती कुंड के नाम से जाना जाता है। यहां मंदिर के पास गंगा किनारे 'दक्षा घाट' है जहां श्रद्धालु स्नान कर मंदिर में दर्शन को जाते हैं।