
राक्षसों के डर से यहां 5 दिनों तक पति-पत्नी नहीं कर सकते ये काम, आज भी मंडराता है खौफ
नई दिल्ली: दुनियाभर में अजीबों-गरीब प्रथाएं चली आ रही हैं जो आपको हैरान कर सकती हैं। ये प्रथाएं भले ही अजीब क्यों न हों लेकिन आज भी लोगों की आस्था इन प्रथाओं से जुड़ी हुई हैं। आपको बता दें कि भारत में भी ऐसी तमाम प्रथाएं हैं जो सदियों से चली आ रही हैं और लोग बड़ी श्रद्धा से इनका पालन करते हैं। आज हम आपको भारत की एक ऐसी ही प्रथा के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका संबंध राक्षसों से है।
आपको बता दें कि यह प्रथा मणिकर्ण घाटी के पीड़ी गांव में सदियों से चल रही है, और लोग इस प्रथा में आस्था भी रखते हैं। इस प्रथा में साल के 5 दिनों तक एक ख़ास काम करने की मनाही होती है और 5 दिनों तक बाकायदा दंपत्ति इसका पालन भी करते हैं। अगर कोई इस प्रथा का पालन नहीं करता है तो ऐसा समझा जाता है कि उसका हो जाएगा।
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आपको बता दें कि साल के ये 5 दिन 17 से 21 अगस्त तक चलते हैं और इन 5 दिनों तक पति-पत्नी आपस में हंसी मजाक नहीं करते हैं साथ ही में इन 5 दिनों में लोग शराब भी नहीं पीते हैं। बता दें कि इस इलाके के ज्यादातर लोग इस प्रथा का पालन करते हैं।
अब हम आपको बताते हैं कि आखिर लोग ऐसा क्यों करते हैं, दरअसल लोगों का मानना है कि लाहुआ घोंड देवता जब पीणी पहुंचे थे तो उस समय यहां पर राक्षसों का राज था और ये राक्षस लोगों को नुकसान पहुंचाते थे और उन्हें मार डालते थे। इस सब को देखने के बाद भगवान ने राक्षसों का विनाश कर दिया। जब भगवान ने यहां कदम रखे थे तब से लेकर आजतक इस स्थान पर ये प्रथा चल रही है जिसे आज भी लोग मानते हैं।
Published on:
08 Jun 2018 08:12 am
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