
pakistani two ferocious cannibal brothers who ate over 150 dead
नई दिल्ली: आपने अक्सर बुजर्गों को ये कहते हुए सुना होगा कि आज का दौर बदल चुका है। मतलब पहले की तरह अब लोग नहीं रहे, लोग एक-दूसरे की जान के दुश्मन बन गए हैं। ये बात अगर सोची जाए तो लगभग सही भी लगती है क्योंकि एक ऐसा ही मामला है जो हर किसी को चौकाता है। मामला पाकिस्तान ( Pakistan ) का है। चलिए आपको पूरा मामला बताते हैं।
दोनों भाई हैं....
दरअसल, कुछ साल पहले पाकिस्तान में रहने वाले दो आदमखोर भाई कब्र से निकालकर 150 से ज्यादा मुर्दों को खा गए थे। दोनों भाई मोहम्मद फरमान अली और मोहम्मद आरिफ अली पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित भक्कर जिले के दरया खान इलाके में मौजूद खवावार कलन गांव के रहने वाले हैं। दोनों शादीशुदा भी हैं। हालांकि, दोनों की पत्नियां उन्हें छोड़कर जा चुकी हैं क्योंकि दोनों का आरोप था कि वो उन्हें मारते-पीटते थे और उनके साथ गाली-गलौज भी करते थे। दोनों नरभक्षी भाईयों को साल 2011 में पहली बार तब गिरफ्तार किया गया था, जब वही पास के ही एक कब्रिस्तान से एक महिला का शव अचानक गायब हो गया। उस महिला का नाम सायरा परवीन (24) था और उसकी मौत कैंसर से हुई थी। सायरा के घरवाले जब उसे कब्रिस्तान में दफनाकर चले गए और अगले दिन वहां आए तो देखा कि उसकी कब्र खुदी हुई थी और सायरा का शव गायब था, जिसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस में की।
घर में बन रही थी इंसानी मांस की करी...
पुलिस ने छानबीन की तो पता चला की फरमान और आरिफ दोनों भाईयों का इसमें हाथ है। ऐसे में पुलिस ने दोनों के घर में दबिश दी, जहां कमरे में एक पतीले में करी जैसी कोई चीज रखी हुई थी। घर की तलाशी में एक बोरी में सायरा की लाश मिली, जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। लाश के अंग कटे हुए थे। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार किया और जांच में पता चला कि पतीले में बन रही करी इंसान के मांस की थी। वहीं जब पुलिस ने दोनों भाईयों से पूछताछ की तो हैरान करने वाली बातें सामने आईं। उन्होंने बताया कि वो कब्र से ऐसे मुर्दे निकालते थे, जो हाल ही में दफनाए गए हैं और उन्हें अपने घर लेकर आते थे। इसके बाद वो उसकी करी बनाकर खाते थे। उनका कहना था कि वो अब तक 100 से ज्यादा मुर्दे खा चुके थे। यह बात अप्रैल 2011 में उन्होंने गिरफ्तारी के बाद बताई थी।
पाकिस्तान में नहीं है सजा...
वहीं बाद में दोनों आदमखोर भाईयों को अदालत में पेश किया गया, लेकिन यहां एक परेशानी खड़ी हो गई, क्योंकि पाकिस्तान में इस तरह की हरकत के लिए आरोपी को क्या सजा दी जाए, इसका कोई प्रावधान ही नहीं था। इसलिए उन दोनों पर कब्र से छेड़छाड़ करने और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा चला। अदालत ने दोनों को दो-दो साल की सजा सुनाई और और प्रत्येक पर 50,000 रुपये जुर्माना लगाया। दोनों को मियांवाली जिला जेल में रखा गया था। हालांकि वो वहां जेल में कम अस्पताल में ज्यादा रहे थे, क्योंकि उनका मानसिक इलाज किया जा रहा था।
दोबारा बनाई बच्चे के शव की करी...
मई 2013 में दोनों जेल से रिहा हो गए थे। इसके बाद वो अपने गांव पहुंचे जहां उनका विरोध हुआ। वहीं अप्रैल 2014 में लोगों ने फिर पुलिस में शिकायत की कि दोनों के घर से सड़े हुए मांस की गंध आ रही है। ऐसे में पुलिस ने दबिश दी तो नजारा चौंकाने वाला था क्योंकि एक कमरे में 2 साल के एक बच्चे का सिर बरामद हुआ और पहले की तरह करी बन रही थी। बच्चे को मौत के बाद कब्रिस्तान में दफनाया गया था। दोनों को फिर से गिरफ्तार किया गया और कोर्ट में पेश करने पर पहले जैसी ही परेशानी थी कि सजा क्या दी जाए। ऐसे में दोनों नरभक्षी भाईयों को पंजाब के सरगोधा में आतंकवाद निरोधक अदालत को सौंपा गया। जहां उन्हें 12-12 साल की सजा सुनाई गई, तब से ये दोनों जेल में ही हैं। लेकिन इन घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया।
Published on:
15 Jan 2020 12:01 pm
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