
ALIENS : क्या सचमुच पृथ्वी से दूर कोई सभ्यता सांस ले रही है
दूसरे ग्रहों पर जीवन को लेकर हमेशा इंसान की जिज्ञासा रही है। एलियंस इसी जिज्ञासा का एक रहस्यमय पात्र है। पिछले एक महीने में दो वैज्ञानिकों की थ्योरी पर भरोसा करें तो एलियंस की सच्चाई और करीब लगती है। पिछले वर्ष दिसंबर में इजराइल के अंतरिक्ष विज्ञानी हाइम इशेद ने यह कहकर चौंका दिया कि अमरीका और इजराइल का एलियंस के साथ समझौता तक हो गया। इसके मुताबिक एलियंस धरती पर रिसर्च करेंगे। इशेद के मुताबिक एलियंस का मंगल ग्रह पर रिसर्च स्टेशन तक है। दूसरी ओर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एवी लोएब ने कुछ दिन पहले ही दावा किया कि पृथ्वी की ओर उल्का या क्षुद्रग्रह का आना सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह वायुमंडल में एलियंस द्वारा फेंका गया कचरा है।
ट्रंप जानते हैं एलियंस की सच्चाई !
प्रो. इशेद ने यह भी दावा किया है कि पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप एलियंस के वजूद के बारे में दुनिया को बताने वाले थे, लेकिन गैलेक्टिक फेडरेशन (अमरीका-इजराइल के बीच समझौता) में किए गए निर्णय के कारण ऐसा नहीं कर सका। इजराइली सैटेलाइट प्रोग्राम के जनक इशेद ने यरुशलम पोस्ट को दिए इंटरव्यू में कहा, मैंने जब भी लोगों को एलियंस के बारे में बताया तो मुझे पागल कहा गया।
लोएब की थ्योरी : अंतरिक्ष से गिरा रहे हैं कचरा
लोएब की पिछले दिनों प्रकाशित पुस्तक ‘एक्स्ट्राटेरेस्ट्रियल : द फस्र्ट साइन ऑफ इंटेलिजेंट लाइफ बियॉन्ड अर्थ’ में लिखा है कि अंतरिक्ष से आने वाले चमकदार पत्थर इस बात का संकेत हैं कि पृथ्वी से बाहर भी जीवन मौजूद है। लोएब ने बताया, 6 सितंबर 2017 को अंतरिक्ष से कचरा गिराया गया था। वायुमंडल में आते ही यह चमकदार चट्टान जैसा बन गया था। इसी तरह पृथ्वी से 25 प्रकाश वर्ष दूर वेगा तारा भी 59 हजार प्रति मील की गति से शुक्र के नजदीक से गुजरा था और पिछले वर्ष 7 अक्टूबर को यह पृथ्वी की ओर वापस आया।
रहस्य बना हुआ है एरिया 51 (Mystery remains area 51)
एलियंस को लेकर दुनियाभर में समय-समय दावे और रिसर्च बातें सामने आती रहती हैं। पश्चिमी अमरीका के नेवादा प्रांत स्थित विशाल गोपनीय सैन्य हवाई क्षेत्र को लेकर माना जाता है कि यहां पर बरसों से एलियंस पर रिसर्च होती है। इस स्थान पर आम नागरिक वर्जित है। इससे ये रहस्य और गहरा गया और पिछले वर्ष लाखों अमरीकी नागरिकों ने सोशल मीडिया अभियान के जरिए यहां जाने की कोशिश भी की थी, लेकिन सैन्य बलों ने इन्हें रोक दिया।
Published on:
12 Jan 2021 02:36 am
