
सुई से लेकर हाथी तक मिल जाता है इस जगह पर, दुनिया के कोने-कोने से आते हैं लोग
नई दिल्ली। प्राचीनकाल से लगनेवाले इस मेले का स्वरूप कलांतर में भले ही कुछ बदला हो, लेकिन इसकी महत्ता आज भी वही है। यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष लाखों देशी और विदेशी पर्यटक यहां पहुंचते हैं। सरकार भी इस मेले की महत्ता बरकरार रखने को लेकर हरसंभव प्रयास में लगी है। हम बात कर रहे हैं, बिहार के सारण जिले के सोनपुर में एक महीने तक लगने वाला विश्व प्रसिद्ध सालाना सोनपुर मेला की शायद दुनिया का एकमात्र ऐसा मेला है, जहां क्रय-विक्रय के लिए सुई से लेकर हाथी तक उपलब्ध होते हैं। मेले का उद्घाटन 21 नवंबर को हो गया। गंगा और गंडक नदी के संगम पर ऐतिहासिक, धार्मिक और पौराणिक महत्व वाले सोनपुर क्षेत्र में लगने वाला सोनपुर मेला हर साल कार्तिक महीने से शुरू होकर एक महीने तक चलता है। सोनपुर मेले में आने वाले लोगों को वो तमाम चीजें मिल जाती हैं जिनकी ख्वाहिश लेकर वे देश दुनिया के कोने कोने से यहां पहुंचते हैं।
यह वो स्थान है जहां दो जानवरों का युद्ध हुआ था, इस कारण यहां पशु की खरीदारी को शुभ माना जाता है। इसी स्थान पर हरि (विष्णु) और हर (शिव) का हरिहर मंदिर भी है जहां प्रतिदिन सैकड़ों भक्त श्रद्धा से पहुंचते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि इस मंदिर का निर्माण स्वयं भगवान राम ने सीता स्वयंवर में जाते समय किया था। यहां बिहार की पहचान देशी लिट्टी की हो या फिर विदेशी चाउमिन की। इसके अलावा सोनपुर क्षेत्र में प्रसिद्ध कुछ खास मिठाईयां भी उपलब्ध हैं जिसका लुत्फ लिए बगैर आप खुद को नहीं रोक पाएंगे। दुनिया के सबसे बड़े पशु मेलों में से एक सोनपुर पशु मेला का खास आकर्षण हाथी होते हैं। लेकिन इस साल 32 दिनों तक चलने वाला यह मेला यहां आने वाले लोगों के लिए सज-धज कर तैयार है। मेले में घोड़ों की बिक्री हो सकेगी जबकि हाथियों की बिक्री पर पाबंदी है।
Published on:
23 Nov 2018 11:50 am
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