
क्यों इस एक अंक को लेकर बना है लोगों के मन में भय, महज वहम या पीछे है कोई डरावनी सच्चाई
नई दिल्ली। अंकों का हमारे जीवन में काफी महत्व होता है। कुछ अंक हमारे लिए शुभ होते हैं वही कुछ अशुभ होते हैं। ये स्वाभाविक है, लेकिन एक अंक ऐसा है जिसे सदियों से लोग अशुभ मानते हैं। आखिर यह अंक कौन सा है? इसे अशुभ मानने या इससे भागने के पीछे का राज क्या है? आइए इस बारे में आपको पूरी बात बताते हैं।
सबसे पहले बता दें, हम यहां 13 अंक की बात कर रहे हैं। 13 अंक से लोगों के इस डर को मनोविज्ञान की भाषा में थर्टीन डिजिट फोबिया या ट्रिस्काइडेकाफोबिया कहा जाता है। आपको बता दें कि ज्यादातर देशों में शुक्रवार को पड़ने वाली इस 13 तारीख को अशुभ माना जाता है।
अंक 13 को अशुभ समझने की शुरूआत सबसे पहले कोड ऑफ हम्मूराबी से हुई। कोड ऑफ हम्मूराबी बेबीलोन की सभ्यता में बनाए गए कानूनों के दस्तावेज से जुड़ी हुई है। इसमें सबसे ज्यादा हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि इसमें 13 नंबर का कोई नियम ही नहीं है।
इतिहासकारों ने इस विषय में अपना तर्क देते हुए कहा कि कोड ऑफ हम्मूराबी के मूल दस्तावेज नंबरिंग करके नहीं लिखे गए थे। पहली बार जब इन दस्तावेजों का आधुनिक भाषाओं में अनुवाद किया गया तो उस दौरान लेखन में किसी प्रकार की गलती से 13 का अंक छूट गया।
इसके साथ ही इसे अशुभ मानने के पीछे एक और कारण है। दरअसल, एकबार ईसा मसीह को एक एेसे शख्स ने धोखा दिया था जो उनके साथ बैठकर रात्रिभोज कर रहा था। संयोग की बात यह थी कि वह शख्स 13 नंबर की कुर्सी पर बैठा हुआ था। इस घटना के बाद से लोगों ने इस अंक को अशुभ समझ लिया।
आपको बता दें, 13 से जुड़े इस अंधविश्वास को अंग्रेजी भाषा में paraskevidekatriaphobia के नाम से जाना जाता है। इस अंक का डर लोगों में इस कदर हावी है कि कई लोग तो इस दिन यात्रा को टाल देते हैं। रेस्टोरेंट में जाकर 13 अंक की सीट पर बैठने से लोग कतराते हैं। 13 अंक से संबंधित कोई भी चीज खरीदने से पहले लोग दो बार सोचते हैं हालांकि कई बार उन्हें मजबूरी में ऐसा करना पड़ जाता है।
Published on:
16 Jul 2018 10:51 am
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