script40-50 की उम्र में महिलाओं को क्यों होने लगते हैं ये बदलाव? जानिए कारण और उपाय | Signs and symptoms of periods stopping at the age of 40-50 | Patrika News

40-50 की उम्र में महिलाओं को क्यों होने लगते हैं ये बदलाव? जानिए कारण और उपाय

locationजयपुरPublished: Nov 23, 2023 12:37:42 pm

Submitted by:

Manoj Kumar

Menopause – Symptoms and causes : 40 की उम्र के करीब पहुंच चुकी महिलाओं को सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। भारत में 41 से 50 वर्ष की उम्र के बीच महिलाओं का मासिक चक्र कम खत्म हो जाता है।

menopause-problems.jpg

Menopause – Symptoms and causes

Menopause – Symptoms and causes : 40 की उम्र के करीब पहुंच चुकी महिलाओं को सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। भारत में 41 से 50 वर्ष की उम्र के बीच महिलाओं का मासिक चक्र कम खत्म हो जाता है।

महिलाओं में 40 से 50 वर्ष की उम्र जब में मेनोपॉज मतलब रजोनिवृत्ति होती है। साधारण भाषा में जब महिला के पीरियड्स आना बंद हो जाते हैं तो उसे मेनोपॉज कहते हैं। जब मेनोपॉज होता है तो महिलाओं में कई शारीरिक व मानसिक बदलाव होते हैं। मेनोपॉज के दौरान किसी भी शारीरिक तकलीफ को नजरअंदाज न करें।

यह भी पढ़ें

Home Tips to Remove Cavity From Teeth: दांतों में हो गई है कैविटी की समस्या, अपनाएं ये आसान और घरेलू उपाय



This is how menopause starts ऐसे होती है मेनोपॉज की शुरूआत –
महिलाओं में 40 की उम्र के बाद यदि करीब एक साल तक मासिक धर्म नहीं आए तो मेनोपॉज की अवस्था माना जाता है। मेनोपॉज में मासिक धर्म धीरे-धीरे कम होने लगता है। फिर एक-दो साल के भीतर पूरी तरह बंद हो जाता है। इसका कारण शरीर में एस्ट्रोजन हॉर्मोन की मात्रा का कम होना होता है। मेनोपॉज की स्थिति में महिला को घबराने की जरूरत नहीं है।

Menopause problems मेनोपॉज की समस्याएं-
जब महिलाओं में मेनोपॉज की समस्या होती है तब तनाव, उदासी, बेचैनी, घबराहट, भ्रम, चिड़चिड़ापन, दुविधा की स्थिति, अनिद्रा और गुस्सा आने जैसे लक्षण होते हैं। इसमें महिलाओं को अधिक गर्मी लगना, बुफारे आना, यूरिन में जलन, जननांग में संक्रमण जैसी समस्याएं होने लगती हैं। सकती हैं।

यह भी पढ़ें

Benefits of Almonds: रोज सुबह खाली पेट खाएं 5 भीगे बादाम, जानिए बादाम खाने का सही तरीका और कितना खाएं



सावधानी रखें-
Menopause – Symptoms and causes : मेनोपॉज की प्रक्रिया के दौरान महिलाएं शक्कर व मीठा कम खाएं । मीठा खाने से हड्डियों में दर्द की समस्या हो जाती है। बीपी, थायरॉइड, मधुमेह वजन, पैपस्मीयर, मैमोग्राफी की जांच जरूरी है। मेनोपॉज के दौरान जननांग की सफाई का विशेष ध्यान रखें इस दौरान संक्रमण का खतरा रहता है। संक्रमण होने पर क्रीम और कुछ एंटीबायोटिक दवाएं चलती हैं जिनसे आराम मिलता है। जननांग में संक्रमण होने पर पानी ज्यादा से ज्यादा पीएं। ग्वार फली, भिंडी, आलू, मटर, चना और गोभी ना खाएं। मसालेदार और चटपटा भोजन खाने से बचना चाहिए। शराब, सिगरेट, चाय, कॉफी से परहेज करें। गुनगुने पानी से नहाएं। तनाव कम लें।

यह भी पढ़ें

शरीर के लिए खतरनाक है यूरिक एसिड, जानिए यूरिक एसिड खत्म करने आसान एवं घरेलू उपाय


इन बातों का ध्यान रखें-
– नियमित खानपान में गाजर, पालक, टमाटर, आंवला, पपीता और अखरोट शामिल करने चाहिए।
– महिला को सोयाबीन अधिक खाना चाहिए।
– नियमित व्यायाम के साथ घूमना टहलें।
– खुद को व्यस्त रखें ।
– योग के साथ ध्यान लगाएं और प्राणायाम करें।
– तनाव से दूर रहें, किसी चीज की चिंता न करें ।

यह भी पढ़ें

उम्र के हिसाब से कितना होना चाहिए नॉर्मल ब्लड शुगर, जानिए कितना शुगर माना जाता है खतरनाक




डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

loksabha entry point

ट्रेंडिंग वीडियो