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Planning pregnancy: अगर प्लान कर रही हैं प्रेग्नेंसी तो इन सात बातों का जानना है जरूरी

Planning pregnancy: गर्भावस्था महिलाओं की जिंदगी का वह समय है जिसमें उन्हें शरीर के अंदर कई तरह के बदलावों से गुजरना पड़ता है। ऐसे में कई ऐसी बातें हैं जो प्रेग्नेंसी प्लान करते समय आपको मालूम होनी चाहिए, ताकि आपको गर्भावस्था के दौरान किसी तरह की परेशानी या किसी आशंका से न गुजरना पड़े।

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जयपुर

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Jyoti Kumar

Aug 20, 2023

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Planning pregnancy: गर्भावस्था महिलाओं की जिंदगी का वह समय है जिसमें उन्हें शरीर के अंदर कई तरह के बदलावों से गुजरना पड़ता है। ऐसे में कई ऐसी बातें हैं जो प्रेग्नेंसी प्लान करते समय आपको मालूम होनी चाहिए, ताकि आपको गर्भावस्था के दौरान किसी तरह की परेशानी या किसी आशंका से न गुजरना पड़े।

क्या आप तैयार हैं

प्रेग्नेंसी प्लान करने का सबसे पहला कदम है कि इसके लिए आपको मानसिक रूप से तैयार होना होगा। पहले यह तय करें कि क्या आप अभी मां बनने के लिए तैयार हैं या नहीं, क्योंकि प्रेग्नेंसी के समय आपका मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत होना बेहद जरूरी है।

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फोलिक एसिड लें

हर महिला को कंसीव करने से पहले खास विटामिन लेने की जरूरत होती है जिसमें फोलिक एसिड ज्यादा जरूरी होता है। यह विटामिन बी होता है जो कि गर्भस्थ शिशु के नर्वस सिस्टम और कोशिकाओं के विकास में मदद करता है। कंसीव करने से 2-3 महीने पहले ही जरूरी जानकारी जुटा लें।

वजन सामान्य रखें

वजन अधिक है तो प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले सामान्य वजन की सीमा में आ जाएं। जेस्टेशनल डायबिटीज होने की आशंका भी कम होती है। 18.5 से 22.9 के बीच बीएमआइ होना आदर्श है। 25 से अधिक मोटापा माना जाता है।

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कोई दवा ले रहे तो..

क्रॉनिक मेडिकेशन पर हों यानी किसी बीमारी का इलाज पहले से लेते आ रही हैं। थायरॉइड, बीपी, एपिलेप्सी, हेयरफॉल या एक्ने का इलाज ले रही हों तो प्रेग्नेंसी से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें, क्योंकि कई दवाएं गर्भ को प्रभावित कर सकती हैं।

सकारात्मक जीवनशैली रखें
धूम्रपान व अल्कोहल न लें। कैफीन यानी चाय-कॉफी बिल्कुल कम कर दें। नियमित व्यायाम, वॉक एवं योग करें। संयमित व सकारात्मक जीवनशैली रखें। स्वस्थ आहार शुरू करने का सही समय भी यही है।

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मासिक चक्र का पता हो

मासिक चक्र, ओव्यूलेशन पैटर्न से संबंधित होते हैं। आमतौर पर 28 दिनों के चक्र में अंडे, चक्र के 14 वें दिन तक तैयार हो जाते हैं और गर्भाधान के लिए यह सबसे अच्छा समय होता है।

आनुवांशिक जांच करवाएं

थैलेसीमिया, डाउन सिंड्रोम या किसी गंभीर बीमारी की फैमिली हिस्ट्री है तो आनुवांशिक जांच जरूर करवाएं। यह बच्चे को स्थानांतरित होने वाली समस्याओं के लिए उपचार जैसे विकल्प तलाशने में मदद करती है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।