11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

महिलाओं की हड्डियों को कमजोर कर रहे हैं ये 8 कारण

महिलाओं में कम उम्र यानी 30-40 वर्ष में ही हड्डियां कमजोर होने के मामले देखे जा रहे हैं। वहीं 45 वर्ष की उम्र के बाद मेनोपॉज शुरू होने से भी ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या होने लगती है। इससे कमर-जोड़ों, पीठ या फिर थोड़ी देर बैठने के बाद घुटनों में दर्द की समस्या आम है। जानते हैं इसके पीछे के कारण-

2 min read
Google source verification
tips-for-strong-bones-in-wo.jpg

Tips for strong bones in women'

महिलाओं में कम उम्र यानी 30-40 वर्ष में ही हड्डियां कमजोर होने के मामले देखे जा रहे हैं। वहीं 45 वर्ष की उम्र के बाद मेनोपॉज शुरू होने से भी ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या होने लगती है। इससे कमर-जोड़ों, पीठ या फिर थोड़ी देर बैठने के बाद घुटनों में दर्द की समस्या आम है। जानते हैं इसके पीछे के कारण-

एस्ट्रोजन घटने से शुरू होने लगती है समस्या
महिलाओं में एक खास हार्मोन यानी एस्ट्रोजन होता है। यह हार्मोन कैल्शियम के अवशोषण में बड़ी भूमिका निभाता है। जब महिलाएं 20-30 की उम्र में होती हैं, तो ज्यादा मात्रा में बनता है लेकिन 30-40 की उम्र में आते-आते एस्ट्रोजन हार्मोन शरीर में कम बनने लगता है। डाइट में लिए गए कैल्शियम का शरीर ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाता और महिला की हड्डियां कमजोर होना शुरू हो जाती हैं। यही कमजोर हड्डियां अलग-अलग तरह की समस्याओं का कारण बनती हैं। दूसरा, कुछ खराब आदतें हैं जो इस तरह की समस्या को बनाती और बढ़ाती हैं।

यह भी पढ़े-Celeb fitness : शाम 7 बजे तक कर लेतीं डिनर, इंटरमिटेंट फास्टिंग से घटाया वजन

इनके चलते होती है समस्या

1. ज्यादा प्रोटीन खाने से एसिडिटी होती है। इससे भी कैल्शियम यूरिन में ज्यादा निकलता है।
2. कार्बोनेटेड ड्रिंक्स में फास्फेट ज्यादा होता है जो कैल्शियम को कम कर हड्डियों को कमजोर बनाते हैं।
3. ज्यादा मात्रा में एसिडिटी वाली दवाएं लेने से शरीर को कैल्शियम, मैग्नीशियम और जिंक जैसे खनिज पदार्थों को अवशोषित करने में मुश्किल होती है।

4. ज्यादा कैफीन वाली चीजें लेने से भी हड्डियां अंदर से कमजोर होती हैं।
5. ज्यादा तनाव से कोर्टिसॉल हार्मोन बढ़ता है। इससे ब्लड शुगर बढ़ता और टॉयलेट के रास्ते कैल्शियम भी शरीर से बाहर निकलता है।
6. ज्यादातर महिलाओं में विटामिन डी3 की कमी होती है क्योंकि वे धूप में कम जाती हैं।
7. महिलाएं कम दूध पीती हैं जबकि कैल्शियम का मुख्य स्रोत डेयरी प्रोडक्ट ही हैं।
8. ज्यादातर महिलाएं व्यायाम नहीं करती हैं। इससे हड्डियों में अकडऩ और दूसरी समस्याएं शुरू हो जाती हैं।

यह भी पढ़े-12 घंटे खाली पेट के बाद ही कराएं लिपिड प्रोफाइल टेस्ट

ऐसे करें बचाव
शरीर को रोज 700-1000 मिलीग्राम कैल्शियम की जरूरत होती है। डाइट में कैल्शियम से भरपूर फूड्स जैसे- दूध, दही, पनीर, चीज, हरी सब्जियां, राजगिरा के बीज, तिल के बीज, दाल, राजमा, छोले, बादाम आदि को जरूर शामिल करें।
सुबह करीब 9-10 बजे हर दिन थोड़ी देर धूप में बैठें ताकि शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन-डी मिल सके।
महिलाओं को रोज कम से कम 5000 कदम जरूर चलना चाहिए। अकडऩ-जकडऩ से आराम मिलेगा। हड्डियों में नए सेल्स बनेंगे।
वजन कंट्रोल रखें। ज्यादा वजन घुटनों पर जोर बढ़ाता है। घुटने जल्दी खराब होते हैं। इससे जोड़ों का कार्टिलेज ज्यादा तेजी से घिसता है।


बड़ी खबरें

View All

महिला स्वास्थ्य

स्वास्थ्य

ट्रेंडिंग

लाइफस्टाइल