
Afghan refugees in Pakistan
अफगानिस्तान (Afghanistan) से पिछले कई सालों में लोग बॉर्डर पार करके पाकिस्तान (Pakistan) में शरण लेने के लिए गए हैं। ऐसे में पिछले कई सालों में बड़ी संख्या में अफगानिस्तान से लोग अलग-अलग वजहों से शरण लेने के लिए पाकिस्तान गए हैं। पर 15 अगस्त, 2021 को आतंकी संगठन तालिबान (Taliban) के अफगानिस्तान में तख्तापलट करके शासन में लौटने की वजह से भी बड़ी संख्या में अफगान लोगों ने देश छोड़ दिया और इनमें से ज़्यादातर लोग बॉर्डर पार करके पाकिस्तान (Pakistan) की शरण में चले गए। इतने समय से ये अफगान शरणार्थी सही से पाकिस्तान में रह रहे थे, पर पिछले कुछ समय में इनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। पाकिस्तान सरकार की सख्ती से देश में रह रहे अफगान शरणार्थियों के सामने बेहद ही मुश्किल परिस्थिति पैदा हो गई है।
17 लाख अफगानियों को कल तक छोड़ना होगा पाकिस्तान
पाकिस्तान सरकार ने अनुचित तरीके से पाकिस्तान में रह रहे करीब 17 लाख अफगानियों को देश से बाहर निकालने का फैसला कर लिया है। इसके लिए उन्हें अल्टीमेटम भी दे दिया गया है। इन लोगों के पास पाकिस्तान छोड़कर जाने के लिए कल तक, यानी कि 1 नवंबर तक का समय है।
नहीं छोड़ा पाकिस्तान तो ज़बरदस्ती निकाला जाएगा
पाकिस्तान सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर पाकिस्तान में अनुचित तरीके से रह रहे अफगान शरणार्थियों ने 1 नवंबर तक पाकिस्तान नहीं छोड़ा, तो उन्हें ज़बरदस्ती देश से निकाल दिया जाएगा।
कानूनी तौर पर रह रहे अफगान नागरिकों को नहीं है खतरा
वो अफगान नागरिक जो कानूनी तौर पर पाकिस्तान में रह रहे हैं, उन्हें पाकिस्तान सरकार के फैसले से खतरा नहीं है और उन्हें पाकिस्तान छोड़ने के लिए नहीं कहा गया है।
क्या है पाकिस्तानी सरकार की सख्ती की वजह?
पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पिछले कुछ समय से सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। दोनों देशों के संबंधों में काफी खटास आ गई है। इसकी एक बड़ी वजह है तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान में बढ़ी आतंकी गतिविधियाँ। ऐसे में पाकिस्तान सरकार अफगान शरणार्थियों के खिलाफ सख्त हो गई है। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि देश की सुरक्षा और भले के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
बेहद निराश हैं अफगान शरणार्थी
पाकिस्तान सरकार की सख्ती से अफगान शरणार्थियों के पास पाकिस्तान छोड़कर जाने के अलावा और कोई ऑप्शन नहीं है। इससे ये लोग बेहद ही निराश हैं। अफगान शरणार्थियों ने पाकिस्तान छोड़ना शुरू कर दिया है। हालांकि कोई भी तालिबान की राज में अफगानिस्तान जाना नहीं चाहता, पर उनके पास और कोई चारा भी नहीं है।
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Published on:
31 Oct 2023 06:31 pm
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