
Cocaine (Representational Photo)
आज के इस दौर में ड्रग्स (Drugs), दुनियाभर के लिए एक गंभीर समस्या है। समय के साथ-साथ इसका इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या कम होने की बजाय बढ़ती ही जा रही है। वैश्विक अस्थिरता और संगठित अपराध के गठजोड़ ने नशे की समस्या को खतरनाक मोड़ पर पहुंचा दिया है। दुनिया में शायद ही कोई ऐसा देश होगा जहाँ ड्रग्स की लत में फंसे हुए लोग नहीं हैं। एक बार ड्रग्स का इस्तेमाल करने के बाद लोग उसके जाल में फंसते ही चले जाते हैं और फिर उससे बच पाना काफी मुश्किल हो जाता है।
15 से 64 वर्ष की दुनिया की 6% आबादी अब किसी न किसी नशीले पदार्थ (ड्रग्स) के जाल में फंस चुके हैं। वियना स्थित यूनाइटेड नेशन्स ऑफिस ऑन ड्रग्स एंड क्राइम (यूएनओडीसी) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक 2023 में कोकीन के अवैध उत्पादन, तस्करी और खपत, तीनों ने पुराने सभी रिकॉर्ड्स तोड़ दिए, जिससे यह दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ अवैध बाज़ार बन चुका है। अरब देशों में केप्टागोन की तस्करी भी जारी है। एम्फेटामिन व फेंटानिल जैसे सिंथेटिक ड्रग्स की जब्ती भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जो कुल जब्ती का आधा हिस्सा हैं।
कोकीन को सबसे 'मारक' ड्रग माना जाता है और सबसे ज़्यादा इस्तेमाल भी इसी का किया जाता है। यूएनओडीसी की प्रमुख रिसर्चर एंजेला मी के अनुसार कोकीन अब उच्च वर्ग के लोगों के लिए ‘स्टेटस ड्रग’ बन चुका है। कोलंबिया अब भी कोकीन का सबसे बड़ा उत्पादक देश है, लेकिन एशिया और अफ्रीका में तस्करी के नए रूट खुलने से समस्या वैश्विक होती जा रही है। पश्चिमी बाल्कन क्षेत्र के आपराधिक गिरोह इस कारोबार में तेज़ी से सक्रिय हो गए हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया में कोकीन के सबसे ज़्यादा उपयोगकर्ता हैं।
Updated on:
27 Jun 2025 11:34 am
Published on:
27 Jun 2025 11:33 am
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