
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Photo-X @MojtabaKhamen)
US-Iran Talks: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका के बीच बातचीत बेनतीजा रही। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी वर्ताकारों ने कहा कि कई मुद्दों पर समझौता नहीं हो सका। इसके बाद से एकबार फिर से युद्ध के बादल मंडराने लगे, लेकिन इसी बीच ईरान की तरफ से राहत भरा संकेत आया है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बागाई ने कहा कि अमेरिका के साथ हालिया अप्रत्यक्ष वार्ता पिछले एक साल में सबसे लंबी बैठक थी। इस बैठक में कुल 24-25 घंटे तक लगातार चर्चा चली, लेकिन कुछ प्रमुख मुद्दों पर समझौता नहीं हो सका।बागाई ने स्थानीय मीडिया को दिए इंटरव्यू में बताया कि शनिवार सुबह पाकिस्तानी मध्यस्थ के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच संदेशों के आदान-प्रदान से शुरू हुई अप्रत्यक्ष वार्ता लगातार चली।
इस दौरान कई मुद्दों पर समझ बनी, लेकिन दो-तीन अहम मुद्दों पर दोनों पक्षों की स्थितियां अलग-अलग रहीं और अंत में कोई समझौता नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि यह बातचीत युद्धविराम के कुछ दिन बाद हुई है। इस कारण अविश्वास और संदेह का माहौल था। बागाई ने कहा कि कूटनीति राष्ट्रीय हितों की रक्षा का साधन है और यह कभी खत्म नहीं होती। युद्धकाल हो या शांतिकाल राजनयिकों को अपने कर्तव्य निभाने चाहिए।
एस्माइल बागाई ने कहा कि हम सिर्फ एक राउंड की अप्रत्यक्ष बातचीत में नतीजा निकलने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। खासकर तब जब इजरायल ने पिछले नौ महीनों में दूसरी बार ईरान पर हमला किया हो। उन्होंने कहा कि पहले राउंड की बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे नए मुद्दे भी शामिल किए गए, जिससे बातचीत और जटिल हो गई।
उन्होंने आगे कहा कि ईरान हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए डिप्लोमेसी के सभी साधनों का इस्तेमाल करेगा। हम अपने अधिकारों और ईरानी राष्ट्र के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने पाकिस्तान की सराहना करते हुए कहा कि पाकिस्तानी सरकार और सेना ने वार्ता के लिए बेहतरीन मध्यस्थता और आतिथ्य सत्कार किया। उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, आर्मी चीफ असिम मुनीर, विदेश मंत्री इशाक दार का विशेष धन्यवाद दिया। बागाई ने अंत में कहा कि ईरान पाकिस्तान और क्षेत्र के अन्य मित्र देशों के साथ संपर्क और परामर्श जारी रखेगा। डिप्लोमेसी हमेशा सरकार के अन्य अंगों, ईरानी जनता और देश के रक्षकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की सुरक्षा और हितों की रक्षा करेगी।
Updated on:
12 Apr 2026 04:14 pm
Published on:
12 Apr 2026 04:13 pm
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