
फोटो में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (सोर्स- ANI)
Admiral Brad Cooper Iran: अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि नौ महीने के युद्ध के बाद ईरान की हालत बहुत ही खराब हो गई है। उस पर भारी वित्तीय दबाव है। ईरान के तेल राजस्व में करीब 25 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। उसकी 350 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी फ्रीज कर दी गई है। कूपर ने बताया कि इन सब वजहों के चलते वह इराक, लेबनान और अन्य जगहों पर मौजूद मिलिशिया समर्थकों को मदद नहीं पहुंचा पा रहा है। कूपर ने कहा कि ईरान की सेना पर वित्तीय दबाव इतना बढ़ गया है कि ऐसी खबरें आ रही हैं कि पूरे क्षेत्र में ईरान समर्थक मिलिशिया समूह अपने सैनिकों का वेतन रोक रहे हैं, ताकि वे पैसा वापस IRGC को भेज सकें। वहीं, IRGC भी अपने सैनिकों को वेतन नहीं दे पा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि ईरानी सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के वेतन पेंशन और अन्य लाभ पर रोक लगा रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर नेवी द्वारा लगाया गया नेवल ब्लॉकेड का मकसद तेहरान को एक ऐसे समझौते की ओर धकेलना है। जहां वह परमाणु योजना की बात न करे। हालांकि, युद्ध खत्म करने के अमेरिकी प्रस्ताव पर ईरान ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।
सेंटकॉम के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि होर्मुज जलडमरुमध्य में ईरान की तरफ से कुछ हमले जरूर हुए हैं, फिर भी यह रणनीतिक जलमार्ग खुला हुआ है। उन्होंने कहा कि बीते एक हफ्ते में यहां से 400 जहाज और 10 करोड़ बैरल तेल गुजरा है। उन्होंने कहा कि हाल के हफ्तों में, अमेरिकी सेना ने इस जलमार्ग के आसपास ईरानी एंटी-शिप मिसाइलों और अटैक ड्रोन लॉन्चरों पर हमले काफी हद तक रोक दिए हैं।
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले संघर्ष को और बढ़ने से रोकने के लिए व्हाइट हाउस ने ये हमले रोकने का आदेश दिया था। अमेरिकी अधिकारियों को चिंता है कि अगर हमले जारी रहे, तो शिपिंग कंपनियां इस जलमार्ग का इस्तेमाल करने से कतरा सकती हैं। इससे तेल की आपूर्ति कम हो सकती है और वैश्विक स्तर पर कीमतें बढ़ सकती हैं।
उनका यह भी मानना है कि ईरान चुनावों से पहले तेल की कीमतें बढ़ाने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इस बीच, व्हाइट हाउस और कतरी मध्यस्थ, युद्ध खत्म करने के लिए वाशिंगटन के जवाबी प्रस्ताव पर तेहरान की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि तेहरान में अभी भी इस प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। क्षेत्रीय मध्यस्थों ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से आग्रह किया है कि वे मध्यावधि चुनावों के बाद तक अपनी प्रतिक्रिया देने में देरी न करें। उन्होंने चेतावनी दी कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि चुनाव के बाद ट्रंप का रुख ज्यादा नरम होगा।
Updated on:
17 Oct 2026 10:24 am
Published on:
17 Oct 2026 10:24 am
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