
Prince Karim Al-Husseini
प्रिंस करीम अल-हुस्सैनी (Prince Karim al-Husseini), जिन्हें आगा खान चतुर्थ (Aga Khan IV) की उपाधि से भी जाना जाता है, का 4 फरवरी को निधन हो गया। इस्माइली मुस्लिमों (Ismaili Muslims) के धार्मिक नेता का पुर्तगाल (Portugal) के लिस्बन (Lisbon) में 88 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से दुनियाभर के इस्माइली मुस्लिमों में दुःख का माहौल है। भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। आगा खान चतुर्थ भारत (India) में नहीं रहते थे, लेकिन उनका भारत से भी कनेक्शन था। क्या आपको पता है कैसे? आइए जानते हैं।
भारत में आगा खान ग्रामीण सहायता कार्यक्रम नाम का एक गैर-सांप्रदायिक, गैर-सरकारी विकास संगठन है। यह संगठन स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष सहायता प्रदान करके ग्रामीण समुदायों की बेहतरी के लिए उत्प्रेरक के रूप में काम करता है। यह संगठन गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र के 3,255 से ज़्यादा गाँवों में सक्रिय है। इसने समाज के हाशिए पर पड़े 35 लाख से ज़्यादा लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। आगा खान ग्रामीण सहायता कार्यक्रम के काम से प्रभावित 80% से ज़्यादा परिवार आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक जैसे हाशिए पर पड़े समुदायों से हैं। 60% से ज़्यादा लाभार्थी महिलाएं हैं जो कार्यक्रम हस्तक्षेपों के लिए एक मुख्य समूह बनाती हैं। इस संगठन के फोकस क्षेत्र कृषि और जलवायु लचीलापन, कार्य और उद्यम और ग्रामीण शासन हैं।
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आगा खान चतुर्थ की मृत्यु के बाद अब 53 वर्षीय प्रिंस रहीम अल-हुस्सैनी (Prince Rahim al-Hussaini) को आगा खान पंचम नियुक्त (Aga Khan V) नियुक्त किया गया है। रहीम अल-हुस्सैनी, दिवंगत करीम अल-हुस्सैनी के सबसे बड़े पुत्र हैं।
Updated on:
06 Feb 2025 04:53 pm
Published on:
06 Feb 2025 04:52 pm
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