
AMRAAM मिसाइल सौदे की खबरों को अमेरिका ने किया ख़ारिज (ANI/X)
अमेरिका ने पाकिस्तान को बड़ा झटका देते हुए एडवांस्ड मीडियम-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (AMRAAM) के कथित सौदे पर ब्रेक लगा दिया है। पिछले दिनों पाकिस्तानी मीडिया में छाई रही खबरों के जवाब में यूएस दूतावास ने स्पष्ट किया है कि यह कोई नया सौदा नहीं है, बल्कि मौजूदा मिसाइलों के रखरखाव (मेंटेनेंस) का हिस्सा मात्र है। पाकिस्तान को नई AMRAAM मिसाइलें नहीं दी जा रही हैं, न ही उसके मौजूदा हथियारों में कोई अपग्रेड हो रहा है।
पिछले सप्ताह अमेरिकी रक्षा विभाग (यूएस डिपार्टमेंट ऑफ वॉर) ने रेथियॉन कंपनी को 41.6 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त कॉन्ट्रैक्ट मॉडिफिकेशन जारी किया था, जिसकी कुल वैल्यू 2.51 बिलियन डॉलर हो गई। इस कॉन्ट्रैक्ट में पाकिस्तान को खरीदारों की सूची में शामिल किया गया था, जिससे पाकिस्तानी वायुसेना (PAF) के F-16 फाइटर जेट्स के लिए नई AIM-120C8/D3 वैरिएंट मिसाइलों का सौदा होने की अटकलें तेज हो गईं। पाकिस्तानी मीडिया ने इसे 'मल्टी-बिलियन डॉलर डिफेंस डील' बताकर हर्षोल्लास मनाया, खासकर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की हालिया अमेरिका यात्रा के बाद।
लेकिन गुरुवार को यूएस दूतावास ने भारत में अपनी प्रेस रिलीज के जरिए इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। दूतावास ने कहा, "फॉल्स मीडिया रिपोर्ट्स के उलट, इस कॉन्ट्रैक्ट मॉडिफिकेशन का कोई हिस्सा पाकिस्तान को नई AMRAAM मिसाइलों की डिलीवरी के लिए नहीं है। यह पाकिस्तान की मौजूदा क्षमताओं में कोई अपग्रेड भी नहीं जोड़ता।" यह कॉन्ट्रैक्ट मुख्य रूप से मौजूदा मिसाइलों के 'सस्टेनमेंट' (रखरखाव) के लिए है, जिसमें प्रोसेसर और इलेक्ट्रॉनिक्स के पुराने पार्ट्स को अपडेट करना शामिल है।
पाकिस्तान ने 2007 में लगभग 700 AMRAAM मिसाइलें खरीदी थीं, जो उसके F-16 जेट्स के साथ कंपैटिबल हैं। 2019 के बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भारत के MiG-21 को गिराने में इनका इस्तेमाल किया गया था। हाल के वर्षों में पाकिस्तान अमेरिका से दूरी बना रहा था, लेकिन ट्रंप प्रशासन के तहत रिश्ते सुधरने की उम्मीदें थीं। जुलाई 2025 में पाकिस्तानी एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर की वाशिंगटन यात्रा के बाद यह खबर आई थी, लेकिन अब अमेरिका ने साफ कर दिया कि कोई बड़ा हथियार पैकेज नहीं आ रहा।
यह स्पष्टीकरण भारत के लिए राहत की सांस है। पिछले दिनों यूएस-भारत रक्षा संबंधों में उतार-चढ़ाव आया था, लेकिन अब पाकिस्तान को नई हवाई ताकत न मिलने से क्षेत्रीय संतुलन बना रहेगा। भारत अपनी ओर से स्ट्राइकर कॉम्बैट व्हीकल्स के उत्पादन के लिए अमेरिका से तकनीकी मदद ले रहा है। अमेरिकी दूतावास की यह टिप्पणी पाकिस्तानी प्रचार को झटका लगाने वाली है, जो क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकती थी।
Published on:
10 Oct 2025 10:27 am
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